दिल्ली में यमुना नदी किनारे छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं को पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा की ओर से पिछले दो दिनों से यमुना नदी में 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।
यह पानी शुक्रवार शाम तक दिल्ली पहुंच जाएगा। छठ पर्व पर बहते पानी के बीच में खड़े होकर ढलते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। दिल्ली से गुजर रही यमुना नदी के तटों पर हर साल हजारों लोग छठ पर्व मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं।
यमुना नदी के जल के बंटवारे के कारण यमुना नदी में नाम मात्र का पानी ही शेष रह जाता है। पहाड़ों से उतरकर मैदानी इलाके में आने के बाद यमुनानगर जिले के खिजराबाद क्षेत्र में स्थित हथनीकुंड बैराज से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच जल का बंटवारा होता है।
दिल्ली के हिस्से का पीने का पानी पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ा जाता है। इस बंटवारे के बाद यमुना नदी के हिस्से करीब 160 क्यूसेक पानी आता है, लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही यह पानी लगभग सूख जाता है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक गत 5 नवंबर को हथनीकुंड बैराज से नदी में 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इससे अब नदी में कुल 260 क्यूसेक पानी बह रहा है।