हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने विजय दिवस को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधा है। विज ने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को भारत की फौज के सामने पाकिस्तान की फौज ने आत्मसमर्पण किया था। इसे सारे देश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विज्ञापन
परंतु अफसोस अपनी कुर्बानियां देकर सैनिकों ने जो युद्ध में जीता था वह उस वक्त के हमारे नेताओं ने पाकिस्तान के साथ चर्चा की टेबल पर हार दिया। हमारे पास उस वक्त 93 हजार युद्ध बंदी थे, हम चाहते तो इनकी मुक्ति के बदले पाकिस्तान के साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का सौदा कर सकते थे। परंतु अनजान कारणों से हमारी उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनको छोड़ दिया। यह देश की एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक भूल है।