बास(हिसार)। गांव बास खुर्द में अनुसूचित जाति (एससी) समाज के लिए आवंटित करीब 29 प्लॉटों को लेकर विवाद गहरा गया है। राजस्व विभाग की ओर से 1 जुलाई को कानूनगो रविंद्र कुमार की मौजूदगी में प्लॉटों की निशानदेही कराई गई। इसके बाद वर्षों से इन प्लॉटों पर मकान बनाकर रह रहे परिवारों में बेदखली की आशंका पैदा हो गई। इसी बीच गांव निवासी जयवीर ने कथित रूप से खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली जिससे वह झुलस गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
झुलसी अवस्था में जयवीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कह रहा है कि उनका परिवार काफी वर्षों से इस जगह पर रह रहे हैं। उसने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर मकान बनाया है।
यदि प्रशासन उसका मकान तोड़ता है तो वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। उसने कहा कि किसी भी कीमत पर वह अपना मकान खाली नहीं करेगा। उसने वीडियो के माध्यम से सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
वहीं सुरेश, ईश्वर, रोहताश, भुडू राम, कृष्ण, बिजेंद्र सहित अन्य लोगों का कहना है कि ये 100-100 गज के प्लॉट इंदिरा आवासीय योजना के तहत उन्हें आवंटित किए गए थे। उनके नाम पर रजिस्ट्री और इंतकाल दर्ज हैं। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1994 में तत्कालीन सरपंच चतरपाल के कार्यकाल के दौरान इन प्लॉटों का आवंटन किया गया था। उनका कहना है कि वे अपने वैध अधिकार की जमीन का कब्जा चाहते हैं।
अब एक तरफ आवंटित प्लॉटों के लाभार्थी अपने स्वामित्व का दावा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ चार दशक से बसे परिवार अपने आशियाने को बचाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह मामला प्रशासन के लिए संवेदनशील बन गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच समाधान को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
निशानदेही की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार
राजस्व विभाग का कहना है कि निशानदेही की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। कानूनगो रविंद्र कुमार के अनुसार पैमाइश से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और गांव में मुनादी भी करवाई गई थी ताकि कोई भी पक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सके।