ढिगावामंडी (भिवानी) । यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए जिले के गांव झांझड़ा बास निवासी साढ़े 23 वर्षीय भारतीय नाविक दीपक डुड्डी का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस बीच उसके बड़े भाई राहुल और चचेरे भाई कुलबिंद्र कंपनी के अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए मुंबई पहुंच गए हैं। दोनों की बुधवार को कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात होगी। वहीं परिजनों ने सांसद धर्मबीर सिंह से भी मामले में हस्तक्षेप कर दीपक के बारे में जानकारी जुटाने का अनुरोध किया है।
परिजन नवीन डुड्डी ने बताया कि दीपक दो भाइयों में छोटा है। उसका बड़ा भाई राहुल गांव में खेतीबाड़ी करता है। दीपक के पिता मंदीप और माता बबीता बेटे के अचानक समुद्र में गिरकर लापता होने की सूचना मिलने के बाद से सदमे में हैं। वहीं बुजुर्ग दादा ईश्वर सिंह और दादी सूरज कौर भी पोते के इस तरह लापता होने से गहरे सदमे में हैं।
उन्होंने बताया कि दीपक 20 मार्च को घर से यूक्रेन की एक कंपनी में नाविक के रूप में कार्य करने गया था। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष आठ से नौ माह विदेश में रहकर घर लौटा था। 2 जुलाई की शाम करीब पांच बजे वह अचानक जहाज से लापता हो गया। इससे पहले दोपहर में परिवार की उससे बातचीत हुई थी। उस समय दीपक ने बताया था कि वह चार घंटे के विश्राम पर है और रात को ड्यूटी पर जाएगा।
परिजनों के अनुसार कंपनी की रिपोर्ट में बताया गया है कि दीपक भारतीय नागरिक है और वह तुर्किये की कंपनी डेनिज टैंकर्स लिमिटेड के संचालित जहाज पर कार्यरत था। जहाज का अंतिम रिपोर्टेड बंदरगाह ओडेसा बताया गया जहां से उसके समुद्र में गिरने की सूचना कंपनी ने परिजनों को दी। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि दीपक आखिर समुद्र में कैसे गिरा। परिजनों का कहना है कि यदि दीपक ड्यूटी पर था तो वह सुरक्षा उपकरणों के साथ काम कर रहा होगा और यदि ड्यूटी पर नहीं था तो उसके समुद्र में गिरने की परिस्थितियां स्पष्ट की जानी चाहिए। इसी कारण परिवार हत्या की आशंका भी जता रहा है।
इन सवालों के जवाब तलाश रहे हैं परिजन
मुंबई में कंपनी के अधिकारियों से होने वाली मुलाकात में परिजन यह जानना चाहते हैं कि दीपक के समुद्र में गिरने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, घटना के समय उसकी ड्यूटी थी या नहीं, जहाज पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और घटना के बाद उसकी तलाश के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए। इन्हीं सवालों के जवाब लेने के लिए दीपक का भाई राहुल और चचेरा भाई कुलबिंद्र कंपनी के मुंबई कार्यालय गए हैं।