शनिवार करीब दोपहर साढ़े 12 बजे वह और उसके मामा का लड़का प्रवीण तीसरी मंजिल सर्जरी वार्ड से नीचे दवा लेने के लिए जा रहे थे तो प्रवीण ने कहा कि लिफ्ट से चलेंगे। प्रवीण ने दरवाजा खोलने के लिए बटन दबाया तो दरवाजा खुल गया और वह अंदर चला गया और एकदम नीचे गिर गया। उसने शोर मचाया तो काफी लोग एकत्रित हो गए। उस समय लिफ्ट का दरवाजा बंद हो चुका था। लोग चिल्लाने लगे।
मामले की सूचना मेडिकल प्रशासन को दी गई तो इलेक्ट्रीशियन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। और लिफ्ट के तल पर जाकर प्रवीण को बेहोशी की हालत में लिफ्ट से बाहर निकाला। बाहर निकालने पर चिकित्सकों ने उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और मृतक के बुआ के लड़के मीरपुर निवासी के बयान दर्ज किए। हादसे के लिए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज को जिम्मेदार ठहराया और रोष प्रदर्शन किया।
पिता काफी समय से है बीमार
वहीं मृतक के पिता कृष्ण कुमार काफी दिनों से बीमार है। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। वहीं मेडिकल कॉलेज में दो लिफ्ट हैं। इनमें से मरीजों वाली लिफ्ट काफी समय से खराब पड़ी है। उधर, जिस लिफ्ट में यह हादसा हुआ, उसकी सर्विस भी तीन सितंबर को ही करवाई गई थी। शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया है, जिसका पोस्टमाटर्म रविवार होगा।