लघु सचिवालय के आगे रोड जाम करने के मामले में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और अन्य आरोपी बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी मोहम्मद सागीर की अदालत में पेश हुए। अदालत में दो पुलिसकर्मियों की गवाही हुई। अदालत ने बाद में मुकदमे की अगली तारीख दो जून निर्धारित कर दी।
तीन साल पहले बुड़ाक एरिया के किसानों ने नहरी पानी की मांग को लेकर लघु सचिवालय के मेन गेट के आगे पड़ाव डाला था। किसानों ने मेन रोड के सामने रास्ता जाम कर दिया था। बताया जाता है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी रोड जाम करने वालों में शामिल थे। बाद में किसी तरह किसानों ने जाम हटाया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने रोड जाम करने के आरोप में केस दर्ज किया था। पुुलिस ने मलिक समेत 39 लोगों को आरोपी बनाया था और कोर्ट ने आरोपियों को तलब किया था। लगभग 30 आरोपी मुकदमे की तारीख भुगत रहे हैं। इस मुकदमे में बुधवार को इंस्पेक्टर रघुबीर सिंह और एएसआई सतीश कुमार ने अपनी गवाही दर्ज कराई। अदालत ने बाद में मुकदमे की अगली तारीख दो जून निर्धारित कर दी। तारीख लगने के बाद मलिक और अन्य आरोपी कोर्ट से रवाना हो गए।