हांसी। हांसी रोडवेज सब डिपो में बसों की मेंटेनेंस, टायरों और स्टाफ की कमी को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन महासंघ ने सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों को भुगतान में देरी का मुद्दा भी बैठक में उठा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
20 सितंबर को हुई बैठक में महासंघ के प्रधान मंजीत सोरखी, उपप्रधान सुभाष, सचिव प्रदीप फौजी, नरेश बूरा, सुखदीप बामल और कमल पन्नू सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने बताया कि चालक और परिचालकों के साथ आए दिन झगड़े होते हैं। रूट पर खुले पैसों की समस्या बनी हुई है। एलटीसी और रात्रि भत्ते के भुगतान में भी देरी हो रही है।
कर्मचारियों का दावा है कि हांसी सब डिपो की आधे से ज्यादा बसों का समय पर मेंटेनेंस नहीं हो रहा। फरवरी से सितंबर तक महज दो नए टायर उपलब्ध करवाए गए। करीब 15 से 20 पुराने और रीसोल टायरों के सहारे बसें चलाने का आरोप लगाया गया।
कर्मचारियों ने कहा कि इन बसों से रोज हजारों यात्री और बच्चे दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पानीपत, हरिद्वार सहित ग्रामीण क्षेत्रों तक सफर करते हैं। ऐसे में बसों की तकनीकी स्थिति यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
यूनियन के अनुसार हांसी वर्कशॉप में रोज 20 से ज्यादा बसें खराब हालत में खड़ी रहती हैं। इससे कई बसें रूट पर नहीं जा पातीं या निर्धारित चक्कर पूरे नहीं कर पातीं। कर्मचारियों ने इससे यात्रियों को परेशानी और विभाग के राजस्व को नुकसान होने का दावा किया।
बैठक में मैकेनिकों की भर्ती और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की गई। यूनियन ने अधिकारियों से मिलकर समस्याओं का जल्द समाधान कराने की बात कही।
साझा समिति हिसार की ओर से 22 सितंबर को होने वाली गेट मीटिंग में अधिक कर्मचारियों की भागीदारी पर भी चर्चा हुई। महाप्रबंधक के खिलाफ प्रस्तावित धरने में भूमिका निभाने पर कर्मचारियों ने सहमति जताई। प्रधान मंजीत सोरखी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी जल्द समाधान जरूरी है।