मृतक मजदूर की पहचान 22 वर्षीय मोनू के रूप में हुई है, जो मंगवा गांव का निवासी था। दूसरा घायल मजदूर भी मंगवा गांव का ही रहने वाला है। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
गंगवा गांव में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में सफाई के लिए उतरे दो मजदूरों में से एक की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई। इस घटना में दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। दोनों मजदूर टैंक में आई रुकावट को ठीक करने के लिए अंदर उतरे थे।
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मृतक मजदूर की पहचान 22 वर्षीय मोनू के रूप में हुई है, जो मंगवा गांव का निवासी था। दूसरा घायल मजदूर भी मंगवा गांव का ही रहने वाला है। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि टैंक के अंदर सीवर की जहरीली गैस जमा हो गई थी। मजदूरों के उतरते ही वे गैस के संपर्क में आ गए और बेहोश हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस घटना ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतारा गया था। नियमानुसार, ऐसे खतरनाक कार्यों के लिए विशेष सुरक्षा किट और ऑक्सीजन सिलिंडर अनिवार्य होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीवर टैंकों में मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं। इन गैसों के संपर्क में आने से जान का खतरा रहता है।
प्रशासनिक जांच और कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मृतक मोनू के परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।