पानी के सैंपल लेकर आती महिला कर्मी।
हिसार। महिलाएं घर-घर पानी के बिल बांटतीं, गांवों में जलघरों से सैंपल लेतीं और कनेक्शन अवैध है या वैध, इसका सर्वे करतीं नजर आएंगी। जनस्वास्थ्य विभाग शहर में वैध पेयजल कनेक्शन का आंकड़ा जानने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सर्वे करवाएगा। महिलाएं गांवों में जलघरों में पानी में क्लोरीन की मात्रा जांचने के साथ ही पानी के बिल बांटने व वसूली का भी काम करेंगी। विभाग ने इस संबंध में टेंडर लगा दिया है।
फिलहाल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घरों से पानी के सैंपल एकत्रित कर रही हैं। पाइपलाइन में लीकेज व दूषित पेयजल आपूर्ति के बारे में भी विभाग को अवगत करवा रही हैं। इन महिलाओं को प्रतिदिन 30 सैंपल एकत्रित करने होते हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग अब अवैध पेयजल कनेक्शन का सर्वे कराने के लिए तीन स्वयं सहायता समूहों का चयन करेगा। इन समूहों की महिलाएं शहरी क्षेत्र में सर्वे करेगी। यह कार्य शहर को तीन भागों में बांटकर किया जाएगा। वहीं पानी के सैंपल एकत्रित करने के टेंडर को भी चार माह के लिए बढ़ा दिया है। यह टेंडर मार्च में खत्म हो गया था। सर्वे के माध्यम से एकत्रित होने वाले डाटा का इस्तेमाल अमृत टू योजना में किया जाएगा।
हर माह शहर से लेने होंगे पानी के 30 सैंपल : जनस्वास्थ्य विभाग को हर माह शहर के अलग-अलग इलाकों से पानी के 30 सैंपल लेने होंगे और इनकी बैक्टीरियल जांच करवानी होगी।