हांसी। अनाज मंडी में गेहूं खरीद के लिए शुक्रवार को हंगामे की स्थिति बन गई। हैफेड पर कुछ चुनिंदा दुकानों से ही खरीद करने और अन्य को नजरअंदाज करने के आरोप में आढ़ती और दुकानदार भड़क गए। गुस्साए आढ़तियों ने हैफेड कार्यालय पर ताला लगाने की तैयारी शुरू कर दी जिसके बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति संभाली गई और खरीद प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई।
आढ़तियों का कहना था कि हैफेड ने शुक्रवार को केवल 8 से 10 दुकानों से ही गेहूं खरीदा जबकि बाकी दुकानों को नजरअंदाज किया गया। इससे मंडी में भेदभाव के आरोप लगने लगे। उनका कहना है कि यदि हैफेड खरीद करने में सक्षम नहीं है तो यह जिम्मेदारी किसी अन्य एजेंसी को सौंपी जाए ताकि किसानों को परेशानी न हो।
विवाद की मुख्य वजह गोदामों में जगह की कमी, बारदाने और करेट की कमी तथा गेहूं की भारी आवक को माना जा रहा है। उठान कार्य भी धीमा होने से मंडी में गेहूं के ढेर लग गए हैं जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। शाम को आढ़तियों ने सोसायटी कार्यालय के गेट पर ताला लगाने की तैयारी की। सूचना मिलते ही विधायक और उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लिया। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सभी दुकानों से खरीद शुरू करवाई गई।
समान रूप से खरीद की मांग
आढ़ती एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सभी दुकानों से समान रूप से खरीद नहीं हुई और बारदाने की समस्या दूर नहीं की गई तो वे आगे और कड़ा कदम उठाएंगे। अनाज मंडी में हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हरियाणा वेयरहाउसिंग तीन एजेंसियां खरीद कर रही हैं। इनमें हैफेड सप्ताह में केवल एक दिन खरीद करती है लेकिन एक दिन में भी उसकी खरीद अन्य एजेंसियों से अधिक रहती है।
अब तक 2.98 लाख क्विंटल गेहूं की उठान हो चुकी
हांसी अनाज मंडी, सिसाय और घिराय खरीद केंद्रों पर अब तक 12 लाख 67 हजार 826 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इनमें से 10 लाख 46 हजार 39 क्विंटल गेहूं की खरीद और 2.98 लाख क्विंटल की उठान हो चुकी है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 2 लाख क्विंटल अधिक गेहूं मंडी में पहुंच चुका है।
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हैफेड केवल एक दिन खरीद कर रही है लेकिन इस दौरान भी खरीद अन्य एजेंसियां से ज्यादा कर रही हैं। हमने शुक्रवार को 8-10 दुकानों से खरीद करवाई। कुछ की रह गई थी तो शाम को वहां भी खरीद करवा दी गई है। - बबली यादव, मैनेजर, हैफेड।
मंडी में गेहूं की खरीद का कार्य सामान्य चल रहा है। कुछ देर के लिए समस्या आई थी जिसे सुलझा लिया गया। रात तक खरीद चलती रही। - राम अवतार तायल, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन।