सरकार और प्रशासन की ओर से भले ही सोमवार को गेहूं खरीद शुरू कर दी गई हो, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी अनाज मंडी में गेहूं खरीद नहीं हुई। मंगलवार को 18 किसान गेहूं और 113 किसान सरसों लेकर मंडी पहुंचे। गेहूं खरीद न होने से किसान परेशान होकर वापस चले गए।
जिले में गेहूं खरीद को लेकर 60 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, प्रशासन का दावा है कि धांसू सहित छोटे खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो गई है। अनाज मंडी में भी जल्द ही खरीद शुरू होगी। उधर, आढ़तियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे पूर्व मंडी में खरीद न होने पर किसानों ने पीपे बजाकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष जताया।
मैं सुबह 35 मण गेहूं लेकर आया था, लेकिन गेहूं नहीं खरीदा गया है और न ही कोई अधिकारी व कर्मचारी उनके पास आया है।
- भजनलाल, किसान, गांव धांसू
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गेहूं की फसल मंडी में लेकर आया, लेकिन हड़ताल के कारण उनकी फसल नहीं खरीदी गई। सरकार आढ़ती और किसानों के बीच खाई पैदा करना चाहती है।
- विजयपाल, किसान, जुगलान
मेरे पास गेहूं खरीद को लेकर मंगलवार को मैसेज आया था, लेकिन मौसम खराब होने की आशंका के कारण फसल लेकर नहीं आया, बल्कि मंडी में व्यवस्था देखने आए हैं, परंतु यहां पर कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
- विकास, किसान, गांव बहबलपुर
मंडी में सिर्फ 40 क्विंटल सरसों खरीद हो रही है। इसलिए वह इतनी ही सरसों लेकर आया है। उनकी नौ एकड़ में 74 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। बाकी बची हुई सरसों को औने-पौने दामों में बेचना पड़ेगा।
- सतीश, किसान, गांव चिकनवास
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15 एकड़ में 66 क्विंटल सरसों हुई है। परिवार में चार सदस्यों का ऑनलाइन पंजीकरण हुआ है। इसलिए उन्हें चार बार फसल लानी पड़ेगी। इसलिए आने-जाने का खर्चा भी चार गुना बढ़ गया है।
- धर्मपाल, किसान, गांव कंवारी
सात एकड़ में 80 क्विंटल सरसों की आवक हुई है, लेकिन मंडी में सिर्फ 40 क्विंटल सरसों की खरीद हो रही है। इसलिए बाकी फसल को कम दामों में किसी और को बेचनी पड़ेगी।
- राममेहर, किसान, गांव कंवारी
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हड़ताल के कारण खरीद तो नहीं हो रही, लेकिन किसान मंडी में फसल ले आता तो उसे उतारना हमारी मजबूरी बन जाती है। हड़ताल खत्म होने के बाद खरीद शुरू की जाएगी।
- कृष्ण कुमार, आढ़ती
हमारे पास गेहूं खरीद के लिए किसानों के फोन आ रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण अभी खरीद नहीं हो रही। सरकार ने खरीद के लिए छोटे खरीद केंद्र तो बना दिए हैं, लेकिन न तो इतने मजदूर हैं और न ही साधन।
- मानीराम, आढ़ती
मेरी मुख्य अतिरिक्त सचिव पीके दास से बातचीत हुई थी। उन्होंने आढ़तियों से काम शुरू करने को कहा है। उनका कहना है कि कम माल आने वाले सेंटर को रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने दो लाख रुपये तक का भुगतान करने की मांग भी मान ली है। इसके लिए फार्म भरा जाएगा।
- छबीलदास केडिया, प्रधान, न्यू ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन
धांसू सहित छोटे खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू करवा दी गई है। नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। गेहूं की खरीद भी जल्द शुरू करवा दी जाएगी।
- सुल्तान सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, हिसार
व्यापारियों की हड़ताल जारी, नहीं खरीदा गेहूं
मंडी आदमपुर। अनाज मंडी के व्यापारियों ने दूसरे दिन मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखी। इस कारण गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी। उधर, मार्केट कमेटी व खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गेहूं की खरीद करवाने को लेकर प्रयासरत दिखे। मंगलवार सुबह सभी व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक में व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने आढ़तियों से गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर सुझाव मांगे। इसके बाद मार्केट कमेटी, खाद्य आपूर्ति व हैफेड अधिकारियों को अवगत करवा दिया। व्यापार मंडल प्रधान लीलाधर गर्ग ने बताया कि जब तक सरकार मांगों को नहीं मानती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हैफेड प्रबंधक निशा रानी ने बताया कि सरसों की खरीद को लेकर सभी आढ़तियों को हैंडलिंग एजेंट बनाया था और उनके मार्फत ही सरसों की खरीद शुरू की थी। मगर आढ़ती हड़ताल पर होने के बाद सोसायटी ने खरीद करने का बीड़ा उठाया।