रविवार की सुबह जींद के निवासियों को धुंध से राहत मिली, लेकिन आसमान में बादलों की उपस्थिति से बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी एक-दो दिनों में बादलों की सक्रियता के कारण धुंध से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, रात के समय धुंध और ठंड का असर ज्यादा रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में फिर बदलाव होगा और 12 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान में मौसम परिवर्तनशील और शुष्क बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अगले कुछ दिनों में मौसम करवट ले सकता है। दिन के तापमान में वृद्धि की संभावना है, जबकि रात के तापमान में गिरावट होगी। ठंड के साथ-साथ धुंध और कोहरा भी बना रहेगा। फिलहाल, ठंड से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
कुरुक्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी सुबह से ही रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी हो रही है, जिससे क्षेत्र में ठंड और बढ़ गई है। शीतलहर के कारण लोग घरों में ही रहने को मजबूर हो गए हैं। मौसम विभाग ने दिनभर ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
भिवानी में रविवार सुबह आसमान में बादल छाए हुए हैं। बादलों की वजह से अंधेरा छाया हुआ है। इसी के साथ तेज हवा लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 15.0 और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम को देखते हुए किसी भी समय बारिश हो सकती है। धूप निकलने की संभावना फिलहाल नहीं है।
महेंद्रगढ़ क्षेत्र में हुई बदलवाई व बूंदाबांदी से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि हुई है। रविवार सुबह दिन की शुरुआत बदलवई के साथ हुई। अधिकतम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में 4.3 व अधिकतम में एक डिग्री की वृद्धि हुई है।
शनिवार देर शाम तक हुई 8 एमएम बारिश सरसों व गेहूं की फसलों के लिए वरदान साबित होगी। सुबह के समय हल्की धुंध रही लेकिन बदलवाई के चलते इसका प्रभाव नहीं रहा। आज भी हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री व न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया था।
कृषि विशेषज्ञ भी इस बारिश को जिले में 2.36 लाख एकड़ में खड़ी सरसों व 75 हजार एकड़ में खड़ी गेहूं की फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से फसलों में फुटाव व बढ़वार में तेजी आएगी।