सीएम नायब सिंह सैनी ने बजट 2025 के लिए प्री बजट चर्चा के दौरान किसानों से उनके सुझाव प्राप्त किए। इस बैठक में जिले भर के प्रगतिशील किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को सीएम के समक्ष रखा। किसानों ने प्राकृतिक खेती के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष बूथों की मांग की, ताकि वे अपने उत्पादों को सही मूल्य पर बेच सकें। इसके साथ ही, किसानों ने नहरी पानी के खालों को पक्का करने की आवश्यकता जताई, ताकि पानी की बर्बादी कम हो और पानी की बचत हो सके।
इसके अलावा, किसानों ने एक खेत से दूसरे खेत तक पानी के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने में सरकार से सहायता बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में यह सहायता 50 हजार रुपये तक सीमित है, और किसानों का कहना है कि यह राशि प्रति एकड़ के हिसाब से बढ़ाई जानी चाहिए। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों ने प्रत्येक जिले में उस जिले के उत्पादन के हिसाब से प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना प्रस्तुत की। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उनके उत्पादों के सही मूल्य मिलें, जिसके लिए अलग से अनाज मंडी में बूथ बनाने की आवश्यकता है।
किसानों ने बंजर भूमि पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार की सहायता की मांग भी की और एक ही किसान को एक से अधिक सोलर ट्यूबवैल लगाने की अनुमति देने की बात सीएम के समक्ष रखी। साथ ही, किसानों ने खेती-बाड़ी के सामूहिक कार्यों को मनरेगा से जोड़ने की भी मांग की और सेमग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए निजी भूमि में ट्यूबवैल लगाने का प्रस्ताव रखा।