सिवानी मंडी। सोमवार दोपहर 1:40 बजे से देर शाम तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। इससे शहर और आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया। मुख्य बाजार, गलियां, पशु अस्पताल समेत कई सरकारी कार्यालय और तैयार फसलें पानी में डूब गईं। स्कूलों से लौटते समय बच्चे भी भीग गए। शहर के मुख्य रोड पर वाहन चालकों को परेशानी हुई व कई वाहन रास्ते में बंद हो गए।
हिसार-राजगढ़ रोड और पलाराम मार्केट के पास जलभराव से वाहन मुश्किल से निकले। शहर से बाहर जाने के लिए लोगों को गुरेरा मोड़ या हाईवे से आवाजाही करनी पड़ी।
नगर पालिका के पूर्व पार्षद सुभाष जोधकरण, राकेश सोनी, सोनू नगर, संजय शर्मा, राजेंद्र कुमार आदि ने कहा कि नागरिक अधिकारियों को कई बार अर्जियां देते हैं, लेकिन प्रशासन समस्या नहीं सुलझा पा रहा है।
युवा उद्योगपति और समाजसेवी अमित लोहिया ने कहा कि एक-दो ऊंची गलियों को छोड़कर पूरे शहर की सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। नपा की चेयरपर्सन दावा करती हैं कि 20 एचपी की मोटर लगाकर शहर को चंडीगढ़ जैसा व्यवस्थित बना दिया, लेकिन हकीकत में नागरिक और व्यवसायी हर बार बेहाल होते हैं।
नपा के चेयरपर्सन प्रतिनिधि राजेश केडिया ने बताया कि प्रभावित इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को मौके पर हालात की जानकारी दी जा रही है। देर रात तक पूरे शहर का पानी निकाल दिया जाएगा।
विधायक ने सदन में उठाया मुद्दा
हलका लोहारू के कांग्रेसी विधायक राजबीर सिंह फरटिया ने कहा कि नगर में जलभराव लगातार बढ़ रहा है। यह सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। प्रशासन से संपर्क में रहे हैं।
प्रति एकड़ 50,000 रुपये मिले मुआवजा
किसान सभा के राज्य सचिव दयानंद पूनिया ने बताया कि बारिश से मूंग, बाजरा, ग्वार और कपास की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सूख चुकी मूंग की फलियां अंकुरित हो रहीं हैं। पानी में खड़ी रहने से कपास की फसल भी प्रभावित हुई है। सरकार को विशेष गिरदावरी और प्रति एकड़ 50,000 रुपये मुआवजा देना चाहिए।
वर्जन
बारिश थमते ही कर्मचारी जेटिंग मशीन, सुपर सकर, टैंकर, ट्रैक्टर और मोटरों की मदद से जल निकासी में जुट गए हैं। देर शाम तक अधिकतर इलाके सामान्य स्थिति में लौट आएंगे। - दीपक मलिक, जेई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिवानी।