हांसी। शहर व गांवों में गहराए पेयजल संकट को लेकर आमजन परेशान है। पेयजल को लेकर खरड़ अलीपुर के ग्रामीणों ने जलघर में प्रदर्शन किया तो पेटवाड़ के ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष अधिकारियों के रवैये को लेकर हंगामा किया। एक महिला तो एक्सईएन की कुर्सी पर जा बैठी। उधर, विधायक विनोद भयाना ने बैठक में पेयजल संकट को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ा।
विधायक ने बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसाती पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंधन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गर्मी के मौसम के मद्देनजर पर्याप्त पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही हांसी को यमुना कनाल के बजाय भाखड़ा से पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। भाखड़ा से पानी मिलने पर पेयजल संकट फिर नहीं होगा।
नहर में पहुंचा पानी
गर्मी के मौसम में बीते चार दिनों में चल रहे पेयजल संकट से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सोमवार को सुबह 36 दिन बाद पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में पानी पहुंच गया। अभी वाटर टैंकों में पानी भरने में समय लगेगा। डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी आने के बाद अब लोगों को दो दिन बाद से सप्लाई सुचारू रूप से मिलती रहेगी। बता दें कि शहर के नए व पुराने दोनों जलघरों में पानी खत्म हो गया था। जिसकी वजह से शहर में पेयजल सप्लाई बंद थी। ऐसे में लोग वाटर टैंकों, सबमर्सिबल, कैंपर व नलके से पानी भरकर काम चला रहे थे।
सोमवार को पेटवाड़ के ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद विभाग की एक्सईएन से अपनी समस्या बतानी चाही तो वह जरूरी बैठक का हवाला देते हुए चली गईं। अधिकारी से नाराज ग्रामीण महिलाओं ने एक्सईएन के कार्यालय के अंदर डेरा डाल दिया।
दो घंटे तक भी जनस्वास्थ्य विभाग की एक्सईएन कार्यालय नहीं पहुंची तो ग्रामीण उनसे मिलने स्थानीय रेस्ट हाउस में पहुंच गए। जहां पर विधायक विनोद भयाना की तरफ से अधिकारियों की मीटिंग ली जा रही थी। रेस्ट हाउस पहुंचते ही लोगों ने विधायक के सामने अधिकारियों पर उनकी सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
भरपाई, अमरपति, बिमला, संतरो, भतेरी, कविता, गुड्डी, अनिता, शकुंतला, चंद्र, बाला व अन्य महिलाओं ने उन्हें बताया कि जब वह अपनी समस्या के लिए अधिकारियों से मिलने पहुंचे तो अधिकारी उनकी समस्या सुनने की बताए कुर्सी छोड़कर चले गए। महिलाओं ने कहा कि पिछले 15 दिन में तीन बार मोटर जल चुकी है। सप्लाई का पानी न आने के कारण उन्हें खेतों से सिर पर पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं को शांत करने के लिए एसडीएम ने महिलाओं से एक सप्ताह में समस्या का समाधान करने की बात कही। आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुई।