फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिखने लगा नहरबंदी का असर, शहर में पेयजल संकट गहराया

विज्ञापन
सैनियान मोहल्ला में पेयजल संकट के कारण शनिवार को टैंकर पहुंचा तो महिलाएं पानी लेने के लिए टूट पड? - फोटो : Hisar
विज्ञापन
शहर में नहरबंदी का असर दिखने लगा है। कई कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराने लगा है। शुक्रवार को पटेल नगर के लोगों ने पेयजल समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के एसई के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। वार्ड 11 के पार्षद का आरोप है कि इस दौरान एसई लोगों की समस्या सुनने आवास से ही बाहर नहीं निकले। उधर, वार्ड 3 व 4 की कॉलोनियों में विभाग की तरफ से दूषित पेयजल आपूर्ति की गई। लोगों ने जब इसको लेकर रोष जताया तो विभाग ने कॉलोनियों में पानी के टैंकर भेज दिए।
विज्ञापन

बता दें कि 18 अप्रैल तक नहरबंदी का शेड्यूल है। नहरबंदी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग व एचएसवीपी ने पेयजल आपूर्ति में कटौती कर दी है। चूंकि नहरों में पानी आए करीब 20 दिन हो चुके हैं तो जलघरों के वाटर टैंक भी अब खाली होने के कगार पर हैं, जिसका असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ने लगा है।
वार्ड 11 की कॉलोनियों में एक माह से पेयजल आपूर्ति बाधित
पटेल नगर की रेलवे लाइन के नजदीक वाल्मीकि मोहल्ला, आठ मरला कॉलोनी, गांधी नगर, सोनी अस्पताल के सामने राजपूत मोहल्ला व अन्य क्षेत्रों में पिछले एक माह से पेयजल आपूर्ति न होने से लोगों के सामने संकट बना हुआ है। शनिवार को इस समस्या को लेकर आक्रोश बढ़ गया और लोग एकत्रित होकर पार्षद डॉ. जुनेजा के साथ जनस्वास्थ्य विभाग के एसई से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। मगर एसई अपने आवास से बाहर नहीं आए। जब लोगों ने एसई से फोन पर बात की तो उन्होंने जवाब दिया कि आप पहले एक्सईएन से क्यों नहीं मिले और पहले एक्सईएन से बात करो। फिर मुझसे मिलना। लोगों ने उनके आवास के बाहर नारेबाजी भी की। लोगों के मुताबिक पानी और सीवर विभाग को हमेशा जनता की सेवा में रहना चाहिए। इनकी 24 घंटे की ड्यूटी होती है। जब भी लोगों के सामने पानी और सीवर को लेकर विकट स्थिति आती है तो विभाग के अधिकारियों का कर्त्तव्य है कि वे जनता की बात को सुनें और उनकी समस्या का शीघ्र निदान करें।
विज्ञापन

लोग कर रहे पानी की बर्बादी
उधर, पेयजल संकट के बावजूद लोग पानी की बर्बादी कर रहे हैं। हालांकि विभाग की तरफ से लोगों से पानी बचाने की अपील की जा रही है, लेकिन इसका लोगों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। शहर के पॉश इलाकों में लोग अपनी गाड़ियों को धोते हुए देखे जा सकते हैं।
पिछले एक माह से पानी की समस्या को लेकर वार्डवासियों के फोन मेरे पास आ रहे हैं। मैंने इस बारे में विभाग के एक्सईएन, जेई व अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।
- डॉ. महेंद्र जुनेजा, पार्षद, वार्ड 17
----------------
चार दिन में दो बार मिली सप्लाई, उसमें में सीवर का पानी मिक्स होकर आया
पुराने शहर एरिया के मोहल्ला सैनियान, मोहल्ला डोगरान, टेकड़ा मोहल्ला, कुम्हारान मोहल्ला, बड़वाली ढाणी, पुरानी सब्जी मंडी चौक सहित कई एरिया में पेयजल के लिए मारामारी है। वार्ड निवासी राजेंद्र, महेंद्र, बीर सिंह, अजय कुमार, महावीर, पप्पू सैनी, बबली, कमलेश, सीता देवी आदि ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दी जा रही है। इन क्षेत्रों में पिछले 4 दिनों में दो बार पानी की सप्लाई छोड़ी गई। दोनों ही बार पेयजल के साथ सीवर का पानी मिक्स होकर आ रहा है, जो पीना तो दूर की बात साफ सफाई में भी इस्तेमाल करने लायक नहीं है। शनिवार की सुबह पेयजल की सप्लाई हुई, लेकिन प्रेशर कम होने से पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया। ऐसे में क्षेत्रवासियों को पानी के लिए टैंकर पर निर्भर होना पड़ रहा है।
तोशाम रोड स्थित जलघर के पांच से तीन वाटर टैंक हुए खाली
उधर, एचएसवीपी के तोशाम रोड स्थित जलघर के पांच में से तीन वाटर टैंक खाली हो चुके हैं। इस जलघर से सेक्टर 9-11, 16-17, 13, पीएलए, विद्युत नगर व पीएलए एरिया में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अभी तक इन सभी क्षेत्रों में दिन में दो की बजाय एक बार ही पेयजल आपूर्ति की जा रही है। मगर अब विभाग ने सेक्टर 16-17 व सेक्टर 9-11 में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

वर्जन
सभी सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति में कटौती की गई है। सेक्टर 9-11 व 16-17 में एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है।
- किशोरी लाल, एसडीओ, एचएसवीपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें