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पेयजल संकट को लेकर सिवानी में हालात बेकाबू

Thu, 21 Apr 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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पेयजल संकट को लेकर सिवानी में हालात बेकाबू - फोटो : bureau
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राजस्थान की सीमा से सटे और राज्य के अंतिम छोर पर पर बसे सिवानी उपमंडल में सूखे के कारण पेयजल का जबरदस्त संकट पैदा हो गया है। कुएं, तालाब, जोहड़ पूरी तरह से सूख चुके हैं, भूजल स्तर नीचे जाने से हैंडपंप भी किसी काम के नहीं रह गए। नहर बंद पड़ी हैं और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए कोसों दूर जाना पड़ रहा है।
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प्रशासन सूखे से निपटने के लिए अब तक कोई कार्ययोजना नहीं बना सका है। खानापूर्ति के लिए सूखे को लेकर केवल एक बैठक जरूर हुई थी, जिसमें खानापूर्ति कर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इलाके में मांग के अनुरूप ग्रामीणों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।

हालात यह है कि लोग अब कुंडों में पड़ा खारा और दूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ रोष है और वे सरकार के खिलाफ कहीं मटके फोड़कर तो कहीं नारेबाजी कर रोष जता रहे हैं। वहीं मवेशियों को कूड़ा खाकर अपना पेट भरना पड़ रहा है।  
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यहां यह बता दें कि हरियाली विहीन सिवानी इलाकों में हर साल यही स्थिति होती है। सूखे से निपटने के लिए हर बार सरकार की तरफ से यहां के किसानों को मुआवजा तो मिल जाता है, लेकिन इससे निपटने के अभी तक कोई सरकारी प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।  

पहल्यां राम नै, इब राज नै मार दिए भाई
गांव ढाणी सिलांवाली की बुजुर्ग महिला शांति देवी, उर्मिला, भतेरी, चंद्र देवी का कहना था कि पेयजल संकट और सूखे के कारण उणकै बालकां कै रिश्ते तो होवै ही कौनी थे, इब रिश्तेदारां में बेइज्जती भी होण लाग गी। इसी के सरकार बणगी, जो पीवण खात्तर भी पाणी कौनी दे सकदी। म्हारे बालक भी रूल ग्ये, हार इस सरकार नै तौ तिसाया मारण की भी कोई कसर कौनी छोड़ी। महिलाएं बोलीं पहल्यां राम नै मारया, इब राज मारण लाग रहया है।
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