उगालन जलघर पर ताला जड़कर गेट के बाहर बैठी महिलाएं।
बास। गांव उगालन में लंबे समय से चल रही पेयजल किल्लत को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने जलघर पर ताला जड़ दिया और जनस्वास्थ्य विभाग व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जल घर में लगी मोटर व अन्य सामान काफी पुराना हो चुका है जिसकी वजह से बार-बार दिक्कत आ रही है।
ग्रामीण जिला पार्षद विजेंद्र खर्ब, सुरेंद्र शर्मा, मोनू जांगड़ा, टाइगर व्यापारी, रविंद्र डांगी, कमल, प्रवीन कुमार, संदीप खरब, कमलेश, रामरती व कृष्णा व अन्य ने बताया कि गांव में पिछले कई हफ्तों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि जब वे विभाग के कर्मचारियों से बात करते हैं तो उन्हें समाधान देने के बजाय टाल मटोल करते नजर आते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग समस्या को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। इस लापरवाही से गांव वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं पानी के लिए रोजाना भटक रही हैं, लेकिन अधिकारियों को जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। सोमवार शाम जब हालात हद से बाहर हो गए तो ग्रामीणों ने एकजुट होकर जलघर का ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। जलघर के कर्मचारियों ने स्थिति बिगड़ती देख डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया। बाद में अधिकारियों से ग्रामीणों की बातचीत करवाई गई, जिसके बाद लोग शांत हुए और करीब एक घंटे बाद ताला खोला गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो महिलाएं जलघर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी। साथ ही मंगलवार को जनस्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलने की योजना भी बनाई गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नियमित और पर्याप्त पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।