सब्जी मंडी शिफ्ट होने के करीब छह महीने बाद पुरानी सब्जी मंडी के गेट पर दीवार बनाने पहुंची निगम की टीम को व्यापारियों ने स्टे ऑर्डर होने की बात कहकर वापस लौटा दिया। दीवार के कुछ हिस्सों को वापस ढहाया गया। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सरजीत नैन ने मौके पर पहुंचकर दोबारा काम शुरू कराया। पुलिस पहरे में देर शाम शुरू कर रात 9 बजे तक इसे पूरा किया।
नगर निगम का दस्ता शुक्रवार की दोपहर पुरानी सब्जी मंडी के प्रमुख गेट पर दीवार बनाने पहुंचा। मजदूरों ने गेट पर दीवार बनानी शुरू की तो आढ़तियों ने इसका विरोध किया। काम को बंद कराते हुए कुछ लोगों ने दीवार के हिस्सा को गिरा दिया। जानकारी के मिलने के बाद नगर निगम के सचिव वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आढ़तियों को समझाने का प्रयास किया। इस पर आढ़तियों ने कहा कि हमारे पास हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर है। इस तरह से आप दीवार नहीं बना सकते। दीवार बनाने से पहले हम आपको स्टे ऑर्डर दिखा रहे हैं।
पहले आप स्टे ऑर्डर रिसीव कर लो फिर दीवार बनाना। इसके बाद सिटी थाना प्रभारी प्रदीप यादव पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। आढ़तियों ने विरोध करते हुए काम को शुरू नहीं होने दिया। आढ़ती स्टे ऑर्डर रिसीव करने की मांग पर अडे़ रहे। करीब पांच बजे निगम के संयुक्त आयुक्त सरजीत नैन मौके पर पहुंचे। प्रशासन तथा आढ़तियों के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही। बाद में संयुक्त आयुक्त सरजीत नैन ने स्टे ऑर्डर रिसीव कर लिए। शाम करीब छह बजे बाद दोबारा से दीवार को बनाने का काम शुरू किया।
1969 में आरंभ हुई थी
पुरानी सब्जी मंडी 1969 में आरंभ हुई थी। करीब पांच एकड़ में यहां करीब 89 दुकानें हैं। ये दुकानें आढ़तियों ने किराये पर ली थी। दुकानदार नगर निगम में दुकानों का किराया भरते रहे हैं। जून 2014 के बाद से नगर निगम इन दुकानदारों से किराया नहीं ले रहा था।
दीवार पूरी बनाने के बाद ही घर लौटे अधिकारी
निगम अधिकारियों तथा पुलिस बल की मौजूदगी में रात के समय करीब छह फीट ऊंची दीवार बना ली गई। मेन गेट पर दीवार का काम पूरा होने के बाद निगम के दस्ते ने गेट नंबर दो पर दीवार बनाने का काम शुरू कराया। देर रात तक इस दीवार का निर्माण चला। निर्माण जल्द पूरा करने के लिए दस मजदूर तथा चार मिस्त्री लगाए।
पिछले साल डी नोटिफाई थी पुरानी सब्जी मंडी
पुरानी सब्जी मंडी को 31 मार्च 2014 को डि नोटिफाई किया गया था। प्रशासन ने एक अप्रैल से मंडी शिफ्टिंग के लिए निर्देश दे दिए गए थे। इस बीच अदालत ने सब्जी मंडी के व्यापारियों को दो महीने की राहत दे दी। इसके बाद प्रशासन ने 16 जून 2014 में सब्जी मंडी को शिफ्ट करा दिया।
फड़ विक्रेता बेचते रहे सब्जी
पुरानी सब्जी मंडी में कारोबार बंद होने के बावजूद यहां फड़ विक्रेता सब्जियां बेचने का काम कर रहे थे। इसको लेकर लोगों की ओर से कई बार विरोध भी जताया गया। नगर निगम की टीम ने यहां कई बार फड़ विक्रेताओं का सामान जब्त किया। इसके बावजूद यहां लगातार दुकानें लगती रहीं।
दो फरवरी को सदन ने मंजूर किया था प्रस्ताव
नगर निगम के अधिकारियों की ओर से पुरानी सब्जी मंडी एरिया को अपने कब्जे में लेने का प्रस्ताव सदन की पिछली नवंबर 2015 की बैठक में रखा गया था, जिसमें यह पारित नहीं हो सका। 2 फरवरी की सदन की बैठक में इसे फिर से रखा गया, जिसे सदन ने मंजूर कर लिया था।
हमारे पास र्स्ट ऑर्डर है। निगम की ओर से जबरदस्ती इस गेट पर दीवार बनाई गई है। हमने स्टे ऑर्डर भी दिखाया, उसे रिसीव कराया। हम अदालत की अवमानना का केस दायर कर कानूनी तरीके से लड़ाई लडे़ंगे।
- मोहनलाल सैनी, पूर्व प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, सब्जी मंडी हिसार
मंडी को डी नोटिफाई किया जा चुका है। यहां अवैध तरीके से कारोबार किया जा रहा था। नगर निगम की ओर से चारदीवारी कराने का काम पूरा किया जा रहा है। रात के समय दीवार की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी रहेंगे।
- सरजीत नैन, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम हिसार