हिसार। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद और इनके हमलों से परेशान लोगों को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। दरअसल टीकाकरण व बधियाकरण के लिए टेंडर अलॉट की गई एजेंसी को पशु कल्याण बोर्ड से अब तक अनुमति नहीं मिली है। इस कारण एजेंसी को काम शुरू करने में दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को पत्र भेजकर लिखा है कि या तो आप एजेंसी को काम शुरू करने की अनुमति दें या फिर पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति दिलवाएं। निगम अधिकारियों ने पशु कल्याण बोर्ड को भी पत्र लिखकर पोर्टल संबंधी परेशानी से अवगत करवाया है।
नगर निगम की तरफ से टेंडर अलॉट किए जाने के बाद एजेंसी ने इस कार्य के लिए निगम के स्लाटर हाउस में ऑपरेशन थियेटर बना लिया है। परंतु काम शुरू करने से पहले एजेंसी को पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। एजेंसी का कहना है कि बोर्ड का पोर्टल न चलने के कारण वह अनुमति के लिए आवेदन ही नहीं पा रही है। टीकाकरण व बधियाकरण के लिए एजेंसी व नगर निगम प्रशासन के बीच नवंबर 2024 में समझौता हुआ था। परंतु 6 माह बाद भी एजेंसी काम शुरू नहीं कर सकी है। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को 60 दिन में भवन का इंतजाम कर ऑपरेशन थियेटर का निर्माण करना था। एजेंसी तय समय में भवन का इंतजाम नहीं कर सकी। आखिर में निगम प्रशासन ने ही एजेंसी को स्लाटर हाउस उपलब्ध करवाया।
6 माह में करना होगा 5 हजार कुत्तों का टीकाकरण
एजेंसी को 6 माह में 5 हजार कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण करना होगा। एजेंसी एक कुत्ते के लिए निगम प्रशासन से 1400 रुपये लेगी। हालांकि एजेंसी ने इस कार्य के लिए प्रति कुत्ते के हिसाब से 1650 रुपये मांगे थे। टेंडर की शर्तों के अनुसार एजेंसी जिस इलाके से कुत्तों को पकड़कर ले जाएगी, टीकाकरण व बधियाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ना होगा।
आवारा कुत्तों के टीकाकरण व बधियाकरण के लिए पशु कल्याण बोर्ड की अनुमति के बारे में मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसके अलावा भी बोर्ड को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें पोर्टल संबंधी दिक्कतों से अवगत करवाया गया है। -डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगमायुक्त