हिसार। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को रिंग रोड की मंजूरी के दो माह बाद भी अधिसूचना का इंतजार है। इसके जारी नहीं होन से जमीन की निशानदेही का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
फरवरी माह में रिंग रोड को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन कहां से शुरू होगा और कहां से गुजरेगा, यह स्पष्ट नहीं था। हालांकि बाद में इस पर भी सहमति बन गई । बावजूद इसके अभी तक प्रदेश सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस रोड की मंजूरी के समय एनएचएआई ने शर्त रखी कि बीएंडआर रिंग रोड की 50 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण करके देगा, जिसे लेकर राज्य सरकार व एनएचएआई में सहमति बन गई। यह रिंग रोड राजगढ़ रोड से दिल्ली रोड होते हुए चंडीगढ़ रोड तक बनेगा। दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड के बीच बीएंडआर कुछ जमीन का अधिग्रहण भी कर चुका है।
यूं बनाया जाएगा रोड
यह रोड गंगवा को पार कर नेशनल हाईवे से शुरू होगा, जो दिल्ली रोड पर मय्यड़ के गांव के पास जाकर मिलेगा। इसके बाद दिल्ली रोड पर गांव मिर्जापुर के पास से शुरू होकर चंडीगढ़ रोड पर तलवंडी राणा चौक के पास मिलेगा। दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड तक फोरलेन रोड का निर्माण बीएंडआर करवा रहा है। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने करीब 150 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया था।
कई बार ठंडे बस्ते में गया प्रोजेक्ट
भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में यह प्रोजेक्ट कई बार ठंडे बस्ते में गया। पिछले कार्यकाल में रणबीर गंगवा डिप्टी स्पीकर थे। उन्होंने एनएचएआई से इस रोड को बनाने की मांग की थी। इस पर एनएचएआई ने सर्वे करवाया, लेकिन बाद में यह कहते हुए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया कि इस रोड पर वाहनों का बोझ कम रहेगा। इसके बाद एक बार फिर रणबीर गंगवा ने इस रोड का मुद्दा उठाया, फिर भी यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका था।
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रिंग रोड के लिए अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। जारी होते ही जमीन की निशानदेही के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा। निशानदेही के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- विपिन मंगला, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई