हिसार। कोरोना से बचाव को लेकर देश में तीसरी बार लॉकडाउन 17 मई तक लग चुका है। मगर शहर के बाजारों में कई दुकानदार ऐसे हैं, जो खुद के साथ दूसरों के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। पुलिस और प्रशासन द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद दुकानदार लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं।
शनिवार को अमर उजाला की ओर से बाजारों के हालात देखे गए तो आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में नहीं आने वाली वस्तुओं की दुकानें भी खुली मिलीं। जैसे ही कैमरे से फोटो लेने लगे तो कोई दुकान का शटर गिराकर खिसक लिया तो कोई आधा शटर गिराकर दुकान की सफाई करने लगा।
दुकानें बंद करवाने को लेकर सिर्फ पुलिस ही सख्त
शहर में बेवजह खोली जाने वाली दुकानों को बंद करवाने के लिए सिर्फ पुलिस प्रशासन ही सख्त है। दूसरे जिन महकमों का जिम्मा है, उनके अधिकारी तो एक्शन लेने में हिचकिचा रहे हैं। दरअसल, आवश्यक वस्तुओं के अलावा खोली जाने वाली दुकानों को बंद करवाने की जिम्मेदारी एक्साइज विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अलावा एसडीएम कार्यालय को भी सौंपी हुई है। गौरतलब है कि खुद शहर थाना प्रभारी ने पिछले सप्ताह 250 से अधिक दुकानों को हाथ जोड़कर बंद करवाया था।
तिलक बाजार : सुबह 11:25 बजे
बस स्टैंड के पास स्थित तिलक बाजार में रेडीमेड की 10 दुकानें खुली मिलीं। राशन व कीटनाशकों की दुकानें भी खुली थीं, लेकिन यह चीजें आवश्यक वस्तुओं में आने के कारण इनकी दुकानें खोलने की अनुमति है। मगर रेडीमेड की दुकानों को खोलने की कोई अनुमति नहीं है।
गुलाब सिंह चौक : सुबह 11:40 बजे
तिलक बाजार के बाद अमर उजाला टीम गुलाब सिंह चौक पहुंची तो यहां जनरल स्टोर्स की कई दुकानें खुली मिलीं। जनरल स्टोर आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में नहीं होने के बावजूद दुकानें खोलकर बैठे दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। मगर जैसे ही कैमरा देखा तो दुकान बंद करके दुकानदार खिसक लिए।
वकीलान बाजार : सुबह 11:50 बजे
वकीलान बाजार में गारमेंट्स, घी, किराना व मेडिकल की दुकानें खुली मिलीं। किराना व मेडिकल तो जरूरी चीजों में शामिल होने के कारण खोली जा सकती हैं, लेकिन घी व गारमेंट्स की दुकानें खोलने वाले लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। कई तो दुकानों के आधे शटर खोले बैठे मिले।
मोती बाजार : दोपहर 12 बजे
मोती बाजार में भी लॉकडाउन के दौरान स्टैंप बनाने, कास्मेटिक व पंसारी की दुकानें खुली हुई मिलीं। पंसारी की दुकान पर तो जरूरत का सामान भी मिल रहा है, लेकिन स्टैंप बनाने व कास्मेटिक की दुकान को कोई अनुमति नहीं है। इसके बावजूद दुकानदार कोरोना की भयावहता नहीं समझ रहे हैं।
गांधी चौक : दोपहर 12:10 बजे
गांधी चौक पर इलेक्ट्रॉनिक्स, घी व किराना की दुकानें खुली थीं। इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर सिर्फ पंखे बेचने की अनुमति है, वह भी सामाजिक दूरी और मास्क के साथ। मगर न तो सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है और न ही ग्राहक मास्क लगाकर आ रहे हैं।
गोविंदगढ़ बाजार : दोपहर 12:20 बजे
गोविंदगढ़ बाजार में तो बेकरी, किराना व पॉलिथीन तक की दुकानें खुली हुई थीं। पॉलिथीन पर तो प्रदेश सरकार ने बैन लगाया हुआ है, इसके बावजूद लॉकडाउन की परवाह किए बिना दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते देखे जा सकते हैं। इसी तरह बेकरी की दुकानें खोलने पर भी पाबंदी है।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी से लॉकडाउन 3.0 को लेकर सीधी बातचीत
सवाल - तीसरा लॉकडाउन शुरू हुआ है, प्रशासन की क्या रणनीति रहेगी?
डीसी - सामाजिक दूरी कायम करवाने, सैनिटाइजेशन करवाने पर जोर रहेगा। सभी को हिदायतें दे दी गई हैं।
सवाल - रियायतें क्या रहेंगी?
डीसी - ऑरेेंज जोन के अनुसार कुछ रियायतें दी गई हैं। शैक्षणिक, धार्मिक संस्थान आदि बंद रहेंगे। केंद्र सरकार हर सप्ताह समीक्षा करेगी।
सवाल - कुछ दुकानदार जरूरी वस्तुएं न होने के बाद भी दुकानें खोल रहे हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
डीसी - दुकानदारों से अनुरोध करूंगी कि लॉकडाउन व सरकार की हिदायतों का पालन करें। जिनको अनुमति है, वही दुकानें खोलें।
सवाल - इलेक्ट्रॉक्सि दुकानों पर भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा?
डीसी - हमारी टीमें निगरानी कर रही हैं। दुकानदार खुद भी जिम्मेदारी समझें। सावधानी व बचाव में ही सुरक्षा है।
सवाल - डीसी कॉलोनी में कंटेनमेंट जोन व आसपास में बफर जोन कब तक रहेगा?
डीसी - अभी कंटेनमेंट जोन व बफर जोन जारी रहेगा, आगे भी बढ़ सकता है।
सवाल - सब्जी मंडी में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही हैं, इस पर कैसे रोक लगेगी?
डीसी - मार्केट कमेटी सचिवों के साथ बैठक कर उन्हें हिदायतें दी गई हैं। ड्राइवरों की जांच होगी। भीड़ रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
सवाल - हिसार ऑरेंज जोन से ग्रीन जोन में कब आएगा?
डीसी - आखिरी कोरोना पॉजिटिव केस के 21 दिन बाद इसकी समीक्षा होगी। चार और मापदंड हैं, उन्हें भी पूरा करना होगा, उसके बाद ही ग्रीन जोन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।