हिसार। लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के वीएलडीडी प्रथम वर्ष (2024–25) के छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ चल रहे धरना-प्रदर्शन में जीत हासिल की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब सभी पेपर दोबारा लेने की शर्त वापस ले ली और केवल रद्द किए गए फॉर्मेसी पेपर की परीक्षा कराने और उसकी तिथि 10 फरवरी निर्धारित करने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद बुधवार को छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
छात्र पहले परीक्षा लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि केवल एक पेपर लीक होने पर पूरे सत्र की परीक्षाएं रद्द करना अनुचित और छात्र विरोधी कदम था। इसके विरोध में छात्र नेता हरिकेश ढांडा के नेतृत्व में वीएलडीडी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू किया।
धरने के दौरान छात्रों को रात में खुले आसमान के नीचे बैठना पड़ा, क्योंकि प्रशासन ने टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। बावजूद इसके छात्र शांतिपूर्वक अपने अधिकारों के लिए डटे रहे। धरना समाप्ति के अवसर पर हरियाणा वीएलडीडी स्टेट प्रेसिडेंट राजेश पटवारी, मोनू, अजय, रोहित जांगड़ा, निखिल, गगनदीप, पवन, शुभम सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। छात्रों ने प्रशासन के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि यह उनके संघर्ष और एकजुटता की जीत है।
लुवास प्रशासन के अनुसार, अब केवल फॉर्मेसी विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी और अन्य पेपर पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे छात्रों के भविष्य की अनिश्चितता दूर हुई है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग मान ली है। पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। विश्वविद्यालय की ओर से एक या दो दिन में नई डेटशीट जारी कर दी जाएगी। छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. निलेश सिंधु, जनसंपर्क अधिकारी, लुवास।