हिसार के विनोद मीरकां हत्याकांड में पीड़ितों को न्याय दिलवाने की मांग को लेकर लोगों ने शनिवार को विधायक डॉ. कमल गुप्ता के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। विधायक आवास के पास पुलिस ने करीब 300 पुलिस कर्मी तैनात किए। दो जगह बैरिकेडिंग कर रूट डायवर्ट किए।
विधायक आवास के घेराव व प्रदर्शनकारियों के पैदल मार्च के दौरान विभिन्न संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस ने रानी लक्ष्मीबाई चौक, पारिजात चौक, मलिक चौक से सहित 3 जगह रूट डायवर्ट किया गया। विधायक आवास के नजदीक दो जगह बैरिकेडिंग की गई। पुलिस की दो कंपनियों को विधायक आवास के घर के बाहर तैनात किया गया था। नागरिक अस्पताल से लेकर विधायक आवास तक प्रदर्शनकारियों के साथ- साथ 150 पुलिस कर्मचारी व 3 डीएसपी तैनाती में रहे।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता दिलबाग हुड्डा, नगर पालिका कर्मचारी निगम प्रधान राजेश बागड़ी, संविधान बचाओ मोर्चा के प्रवक्ता कृष्ण माजरा, नगर पालिका कर्मचारी संघ जिला प्रधान सुनील लाडवा, दिनेश खापड़, सतीश मैहरा, डॉ. मनोज अठवाल, शंकुतला जाखड़, पूर्णचंद रती, कुलदीप खरड़, विकास सीसर सहित अन्य सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
मृतक विनोद न्याय संघर्ष समिति की मुख्य मांग है कि सभी 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, हत्यारोपियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए, मृतक के परिवार को 50 लाख व घायलों के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, पीड़ित परिवार को एक-एक डीसी रेट की नौकरी दी जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और सभी परिवारों कों बंदूक का लाइसेंस दिया जाए, गांव के सभी अनुसूचित वर्गों की सुरक्षा हेतु स्थायी व्यवस्था की जाए।
गौरतलब है कि 14 दिसंबर को मीरकां गांव में पानी की मोटर चोरी को लेकर गांव के ही कुछ लोगों ने विनोद, संदीप व भालसिंह को पीट दिया गया था। इस दौरान विनोद की मौत हो गई थी व संदीप व भालसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ऐसे में पीड़ित परिजनों को न्याय दिलवाने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा नागरिक अस्पताल में धरना शुरू कर दिया गया था, जोकि अब तक चल रहा है। उधर 12 दिनों से विनोद का शव मोर्चरी में रखा हुआ है, जिसका शनिवार शाम तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था।
भीम आर्मी चीफ व आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने मृतक विनोद के परिजनों से मुलाकात की उनको न्याय दिलवाने में पूर्ण सहयोग करने की बात कही। आजाद ने कहा कि अगर पीड़ित परिजनों को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिलता तो भीम आर्मी द्वारा सीएम सिटी करनाल में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोध स्वरूप हिसार के सभी सरकारी कार्यालयों खोलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने शासन व प्रशासन के लोगों को बहरा कहते हुए कहा कि बहरों को सुनाने के लिए धमाकों की जरूरत होती है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह कोई एक जाति विशेष की लड़ाई नहीं है। ये मानवता की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि इस तरह 17 लोगों द्वारा 3 लोगों को पीटना एक दरिंदगी है। इससे पहले चंद्रशेखर ने डीएसपी अशोक कुमार से विनोद हत्याकांड के बारे में बातचीत की व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
मृतक विनोद के परिजन एव संगठनों के कार्यकर्ता डॉ. विधायक कमल गुप्ता के घर के बाहर प्रदर्शन करते।
एक और आरोपी गिरफ्तार
विनोद हत्याकांड मामले में कार्रवाई करते हुए हिसार पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है व अब 10वें आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं विनोद न्याय संघर्ष समिति ने 17 लोगों पर विनोद की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है।