ग्रामीण अंचल में पली बढ़ी और वर्तमान में शहर निवासी दीपा सिंह झाझड़िया का चयन भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है।
शहर के युवा भाजपा नेता अनिल झाझड़िया की चचेरी बहन दीपा के इस पद पर चयन के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है।
बेटी के नौसेना में चयन के बाद दीपा के पिता डॉ. कुलदीप सिंह झाझड़िया और मां सरोज देवी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि दीपा की इस नियुक्ति से इस इलाके का नाम भी रोशन हुआ है।
मूल रूप से राजस्थान के चूरू जिला के गांव रेजड़ी की रहने वाली दीपा का परिवार वर्तमान में शहर के वार्ड संख्या 5 में रह रहा है।
बचपन से ही शिक्षा के अलावा हर क्षेत्र में मेधावी रही दीपा का सपना था कि वह भारतीय नौ सेना में जाकर देश की सेवा करे। अपने इस सपने को पंख लगाने के लिए दीपा ने अंत में सफलता की उड़ान भर कर ही दिखाई।
गत 26 नवंबर को उनकी पासिंग आउट नेवल एकेडमी अजहीमाला (केरला) में चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल आरके धवन की उपस्थिति में हुई।
बेटी को नौ सेना की वर्दी में देखकर उसके दादा बेलीराम, रामकिशन, ताऊ बलबीर सिंह की आंखें खुशी से भर आईं।
अभी देश सेवा बाकी है - दीपा
नौ सेना में भर्ती होने का सपना पूरा करने वाली दीपा ने फोन पर बातचीत में कहा कि बेशक उसका नौ सेना में भर्ती होने का सपना पूरा हो गया है लेकिन देश सेवा का सपना अभी बाकी है।
दीपा ने कहा कि उसका मकसद केवल पद हासिल करना नहीं था। परिवार से मुझे देश सेवा की जो शिक्षा और संस्कार मिले थे उसे पूरा करना अभी बाकी है।
दीपा ने कहा कि इस जगह तक पहुंचाने में उसे परिवार का पूरा सहयोग मिला। दीपा ने कहा कि बेटियों को परिवार में अगर समान रूप से शिक्षा व संस्कार दिए जाएं तो वे भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
बेटी पर गर्व है - झाझड़िया
दीपा के पिता डॉ. कुलदीप सिंह झाझड़िया ने कहा कि मुझे मेरी बेटी पर गर्व है। अब मैने अपनी बेटी को देश सेवा के लिए नौसैना को सौंप दिया है।
मुझे पूरा यकीन है कि वह देश के लिए कुछ भी करने में पीछे नहीं हटेगी। दीपा में देश सेवा का जज्बा कूटकूट कर भरा हुआ है।
उन्होंने बताया कि दीपा शुरू से ही आत्मविश्वासी रही है। उधर, परिवार के लोगों को दीपा के चयन की बधाइयां मिल रही हैं।