लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते गांव नंगथला के ग्रामीण व अन्य ।
हिसार। गांव नंगथला में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का पुतला जलाकर आक्रोश जाहिर किया। वहीं, लघु सचिवालय के अंदर घुसने के लिए पुलिस के साथ टकराव भी हुआ।
प्रदर्शन के दौरान एडवोकेट रजत कल्सन ने कहा, गांव नंगथला में डॉ. आंबेडकर की मूर्ति खंडित करने के मामले में पुलिस ने गैर अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित सरपंच के बयान पर मुकदमा दर्ज किया। मामले में एससी-एसटी एक्ट इजाद नहीं किया तथा गांव की किसी भी दलित ग्रामीण को मामले में न तो शिकायतकर्ता बनाया गया, न ही गवाह। मुख्य आरोपी गांव में खुला घूम रहा है, अगर 15 दिन के अंदर मांगें पूरी नहीं की तो मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी के आवास का घेराव करेंगे। उपायुक्त की अनुपस्थिति में एसडीएम ज्योति को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है गांव में धातु से बनी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाई जाए और मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। इसके अलावा एससी समाज के पांच ग्रामीणों को मुकदमे में गवाह बनाया जाए। गांव में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएं। गांव में छात्रों के लिए पुस्तकालय व डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाए। इस मौके पर राजेश पाबड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता बजरंग खीचड़, प्रवेश महिपाल, दीपक सैनीपुरा, योगी नरवाल, नरेश गुणपाल, संजय ढुल आदि मौजूद रहे।
यह था मामला...
डॉ. बीआर आंबेडकर की जयंती के मौके पर गांव नंगथला में कुछ असमाजिक तत्वों ने राजकीय प्राथमिक स्कूल के पास पार्क में लगी डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। 15 अप्रैल को ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। जिसके बाद लोगों ने गांव में ही धरना शुरु किया। तीन चार दिन तक धरना देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो 19 अप्रैल से ग्रामीणों ने हिसार के लघु सचिवालय पर धरना शुरु किया है। सहायक उप निरीक्षक रामनिवास ने बताया कि जिसमें रामजन नागर,परेश उर्फ रिंकू, राहुल उर्फ चीकू को गिरफ्तार कर चुकी है।