बास। बास और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को यूजीसी के नए बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पहले अनाज मंडी में इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला। बाद में उन्होंने नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर बिल को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रस्तावित नियम सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की अनदेखी करते हैं। उनका कहना था कि यदि नियम लागू हुए तो सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होगा और शिक्षकों के लिए निष्पक्ष रूप से कार्य करना मुश्किल हो सकता है।
युवाओं ने चेतावनी दी कि कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर गठित समानता समिति में संतुलित प्रतिनिधित्व न होने पर निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियम बनाते समय सामाजिक संतुलन और सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
यूसीसी लागू करने की मांग
ज्ञापन में सामान्य नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और यूसीसी लागू होने से न्याय प्रक्रिया सरल होगी तथा धर्म आधारित भेदभाव कम होगा। प्रदर्शन में दलबीर, देवेंद्र, प्रदीप, संजय, राधेश्याम, सुनील, राहुल और अंकित समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।