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मैनहोल से 100 फुट दूर मिला विक्रांत का शव, शरीर पर नहीं थे सुरक्षा उपकरण

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हिसार। शहर की ठंडी सड़क क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय विक्रांत का शव सीवर लाइन के मैनहोल से करीब 100 फुट दूर दूसरे होल पर मिला। उस समय मृतक के हाथ-पैर भी मुड़कर अकड़े हुए थे और शरीर पर कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं था। ऐसे में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा था। कोई अधिकारी या ठेकेदार भी उनकी सुध लेने के लिए वहां पर नहीं मौजूद था।
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लापरवाही के चलते मजदूर की दम घुटने से मौत हो गई। फिर घटना के बाद ठेकेदार भी फरार हो गया। इस पर पुलिस ने मृतक विक्रांत के भाई की शिकायत पर ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। इसे लेकर मृतक के परिजनों ने पड़ाव चौक पर मृतक के शव को रखकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग रखी।
विभाग को सूचना दिए बिना बंद पड़े काम को किया शुरू
यमुनानगर जिले के दरियापुर निवासी ठेकेदार अमनदीप के खिलाफ पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने और सीवर की सफाई मजदूर से करवाने के संबंध में लापरवाही बरतने पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में मृतक के भाई विपिन ने बताया कि ठेकेदार अमनदीप को लाहौरिया चौक स्थित 36 इंच चौड़ी सीवर लाइन सफाई का काम दिया हुआ था। ठेकेदार ने बंद पड़े काम को विभाग को बिना सूचना दिए शुक्रवार रात को अचानक काम शुरू करवा दिया। इस दौरान विक्रांत सीवर लाइन में एकत्रित गैस के कारण सीवर के अंदर ही रह गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना विभाग को शनिवार अल सुबह 3:25 बजे मिली। कार्यकारी अभियंता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ठेकेदार उस समय पर भी मौके पर नहीं पहुंचा।
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रिश्ते की चल रही थी बात
विक्रांत का एक बड़ा भाई विपिन और दो छोटी बहनें हैं। विक्रांत अविवाहित था और उसके पिता का काफी समय से इलाज चल रहा था। विपिन के अनुसार विक्रांत की शादी के लिए रिश्ते की बातचीत चल रही थी। अभी रिश्ता तय नहीं हुआ था, इसी बीच यह हादसा हो गया।
सफाई तो हो चुकी थी, लेकिन सामान निकलना बाकी था
अस्पताल में उपचाराधीन जींद जिले के किनाना निवासी अनिल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे से ही वे लोग सीवर लाइन की सफाई करने में जुटे हुए थे। रात करीब 2 बजे उन्होंने सीवर की सफाई कर दी थी, लेकिन बाद में मशीन चलाने के लिए गुटके, नट-बोल्ट आदि मशीनी उपकरण सीवर से बाहर निकालने का काम चल रहा था। उस दौरान विक्रांत सीवर के अदंर था, जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद मैं सुरक्षा उपकरणों पहनकर अनिल की तलाश के लिए सीवर लाइन के अंदर गया। जब घुटन शुरू हुई तो बाहर आ गया और कोई सुराग नहीं लगा। फिर दोबारा से तलाश के लिए सीवर के अंदर गया तो मुंह पर लगाने वाला मास्क व सुरक्षा किट टूटी हुई मिली। मगर वह नहीं मिला। इसके बाद दोबारा से गया तो मैं भी गैस के कारण बेसुध हो गया। फिर बाहर खड़े बाकी मजदूरों ने उसकी सुरक्षा बेल्ट खींचकर उसे बाहर निकाला। वहीं अनिल ने कहा कि विक्रांत के पास सुरक्षा किट तो थी, लेकिन वह कमजोर थी, जिससे टूट गई। उसने बताया कि रात के समय सीवर में पानी भी कम रहता है और रोड पर ट्रैफिक भी कम रहता है, इसलिए अकसर सीवर लाइन की सफाई रात को शुरू होती है।
जाल लगाने पर अटका था शव
लाहौरिया चौक पर सीवर के मैनहोल से विक्रांत लापता हुआ था, जो उससे 100 फूट दरी पर बने सीवर के दूसरे होल पर मिला। हालांकि प्रशासन ने पहले ही इस होल पर लोहे का जाल लगा दिया था, जिससे बोर के जरिये सीवर का पानी निकालने पर शव उस जाल पर आ अटका और बाहर निकाल लिया। वरना शहर की मेन सीवर लाइन में चला जाता तो काफी मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं।

परिजनों के बीच पहुंचे एसडीएम अश्वीर नैन से बातचीत करते विक्रांत के परिजन।- फोटो : Hisar

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