प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल शनिवार को लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में विवि प्रशासन ने कृषि मंत्री के सामने प्राइवेट वेटरनेरी कॉलेजों का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि वह इस मामले की फाइल मेरे पास भेजें, उसके बाद मैं मामले को रिव्यू करूंगा। इसके अलावा बैठक में अन्य कई मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
बता दें कि मंत्री बनने के बाद पहली बार हिसार पहुंचे। हालांकि इससे पहले पिछले दिनों हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह व अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम में उन्हें आना था। मगर किसी कारणवश वह कार्यक्रम में नहीं आ सके थे।
नए प्राइवेट कॉलेज खुलने से विद्यार्थियों का होगा नुकसान
बैठक में विवि प्रशासन ने मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि दिनप्रतिदिन वेटरनेरी क्षेत्र में नए कॉलेज खुल रहे हैं। मगर हर साल पासआउट होने वाले इतने युवाओं का नौकरी कैसे मिलेगी। वैसे ही हरियाणा छोटा सा प्रदेश है। अभी फिलहाल वीएलडीए के ही प्रदेश में 11 कॉलेज हैं, जिससे हर साल सैकड़ों युवा कोर्स पूरा करके निकल रहे हैं। अब वेटरनेरी में डिग्री कोर्स के लिए नए कॉलेज आवेदन कर रहे हैं। अगर ऐसे ही नए प्राइवेट कॉलेज खुलते रहे तो इससे युवाओं का ही नुकसान होगा। वैसे ही ये प्राइवेट कॉलेज गरीब अभिभावकों को लूटते हैं। इस पर कृषि मंत्री ने जवाब दिया कि विवि इसे लेकर फाइल मुझे भेजें, मैं खुद इसका रिव्यू करूंगा।
फिशरीज कॉलेज का मुद्दा उठाए बिना विवि ने रखी अपनी बात
एचएयू व लुवास में फिशरीज कॉलेज खोलने को लेकर भी काफी गहमागहमी चल रही है। हालांकि इस बैठक में विवि प्रशासन ने सीधे तौर पर कृषि मंत्री के सामने यह मामला नहीं उठाया। मगर विवि प्रशासन ने बिना मुद्दा उठाए भी अपनी बात उनके सामने रख दी। बैठक में विवि प्रशासन ने अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बताया हुए इस कॉलेज का भी जिक्र किया। बैठक में विवि प्रशासन ने मंत्री जेपी दलाल को बताया कि आने वाले समय में उनकी फिशरीज कॉलेज, बायोटेक्नोलॉजी कॉलेज व रूरल डेवलपमेंट कॉलेज शुरू करने की भी योजना है।
विवि प्रशासन ने मंत्री को दी जानकारी
इस दौरान विवि प्रशासन की तरफ से कृषि मंत्री के सामने विवि को लेकर जानकारी रखी गई। इस दौरान विवि के गठन, उसके अधीन चल रहे कॉलेजों की संख्या, विवि में चल रहे विभिन्न कोर्स व विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट, विवि की तरफ से पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रहीं विभिन्न सुविधाएं आदि के बारे में उन्हें बताया गया। विवि के नए कैंपस के बारे में भी उन्हें अवगत कराया गया। इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पशुपालकों को सस्ती व बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं देने पर रहेगा, ताकि इस व्यवसाय से वे अधिक लाभ अर्जित कर सकें। कृषि मंत्री ने विवि के पशुधन फार्म व नए कैंपस का दौरा भी किया।
ये रहे मौजूद
बैठक में हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक डॉ. अभय सिंह यादव, कुलपति डॉ. गुरदियाल सिंह, अनुसंधान निदेशक डॉ. प्रवीन गोयल, अधिष्ठाता, एचआरएम निदेशिका डॉ. निर्मल सांगवान, स्नातकोत्तर अधिष्ठाता एवं विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. जगतबीर फौगाट आदि मौजूद रहे।