हिसार। प्रदेशभर के पशु चिकित्सक एसीपी (निश्चित कॅरिअर वृद्धि) न दिए जाने से नाराज हैं। पशुपालन विभाग में कार्यरत डाक्टरों को पिछले कई सालों से एसीपी का फायदा नहीं दिया जा रहा है। विभाग में कार्यरत कुछ पशु चिकित्सक सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन उनको एसीपी का लाभ नहीं दिया गया। हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन के आह्वान पर ड्यूटी के दौरान जल्द ही सभी डॉक्टर काली पट्टी लगा कर विरोध जताएंगे। जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देंगे।
हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जगदीश सिंह ढांडा, महासचिव डॉ. विजय कादियान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पशुपालन विभाग में सेवा के दौरान पशु चिकित्सकों को तीन एसीपी दिए जाने का प्रावधान है। प्रथम एसीपी पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण होने के पश्चात तथा दूसरी और तीसरी एसीपी क्रमशः 11 और 17 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद दी जाती है। पशुपालन विभाग में जो पशु चिकित्सक 2018 में भर्ती हुए थे । उनको प्रथम एसीपी 2023 से देय है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि पशुपालन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सर्विस डाटा अभी तक एचआरएमएस के तहत ऑनलाइन नहीं किया गया है जिसके बारे में चीफ सेक्रेटरी हरियाणा सरकार की सख्त हिदायत थी। इसी वजह से किसी भी श्रेणी के पशु चिकित्सकों को एसीपी लाभ नहीं दिया जा रहा है। लंबित एसीपी को लेकर एसोसिएशन ने कई बार गुहार लगाई। इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया है ।
चिकित्सक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन के आह्वान पर ड्यूटी के दौरान जल्द ही सभी डॉक्टर काली पट्टी लगा कर विरोध जताएंगे एवं जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देंगे। प्रतिनिधिमंडल जल्द ही अपनी लंबित मांगों के लिए पशुपालन मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलेगा।