पुरानी सब्जी मंडी में सब्जी बेचता युवक।
हिसार। भारी बारिश के बाद फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे सब्जियों के दाम भी दोगुने हो गए हैं। गांव रायपुर, शिकारपुर, गंगवा, कैमरी सहित आसपास के कुछ गांव से घीया, तोरी, भिंडी, मिर्च आदि की सब्जियां आती हैं। जलभराव के कारण स्थानीय सब्जियां 70 से 80 प्रतिशत तक पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं।
हांसी के पास से भी कुछ सब्जियां आती हैं। अब हांसी के आसपास के गांवों से भी आवक नहीं हो रही। सब्जी मंडी मासाखोर यूनियन के प्रधान मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर की ओर से ट्रक नहीं आ रहे।
इसके अलावा उत्तराखंड में भी कुछ रास्ते प्रभावित हुए हैं। इस कारण दूसरे प्रदेशों से आने वाली सब्जियाें पर असर पड़ा है। टमाटर, आलू, प्याज के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं है। स्थानीय सब्जियों के रेट में सबसे अधिक उछाल आया है।
सब्जी मंडी के आढ़ती ओमप्रकाश सैनी ने बताया कि बारिश के कारण सब्जियों के खराब होने का असर रेट पर दिख रहा है। फिलहाल इसमें कमी होने की उम्मीद भी नहीं दिख रही। अगर बरसात व जलभराव लंबे समय तक रहा तो गाजर, गोभी, मटर, मूली, प्याज आदि की आने वाली सब्जियां भी देर से आएंगी। जलभराव के कारण बिजाई कम रही तो सब्जियों के रेट ऊंचे ही बने रहेंगे।