हांसी। लगातार हुई बारिश के चलते शहर की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अब झीलों और खाली मैदानों में भरे पानी ने भी समस्या को और जटिल बना दिया है। क्यामसर झील, मेम के बाग, और पीसीएस स्कूल जैसे बड़े स्थानों पर पानी भरने से न केवल वहां जलभराव हो गया, बल्कि इससे निकासी व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
जनस्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि क्यामसर झील में पानी का स्तर खतरनाक रूप से ऊंचा हो गया था। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि समाधा रोड डिस्पोजल की ओर जाने वाली मुख्य सीवर लाइन पर बना एक मेनहोल टूट गया था, जिससे झील का पानी सीवर लाइन के माध्यम से डिस्पोजल तक पहुंच रहा था।
करीब दो दिनों तक झील का पानी शहर के सीवरेज सिस्टम के जरिए निकलता रहा, जबकि अधिकारी मान रहे थे कि यह शहर का पानी है जो डिस्पोज हो रहा है। जब यह स्थिति स्पष्ट हुई, तो तुरंत मिट्टी के कट्टे लगाकर उस मेनहोल को बंद किया गया। शुक्रवार रात कुछ अराजक तत्वों ने मेनहोल पर लगाए गए कट्टे हटा दिए, जिससे फिर जलनिकासी प्रभावित हुई। शनिवार सुबह मरम्मत कार्य दोबारा करवाया गया।
इसके अलावा एसडी कॉलेज रोड के साथ मेम के बाग के मैदान में पानी भरने के साथ ही उसका लेवल भी रोड के बराबर हो गया। अक्सर एसडी कॉलेज रोड के बरसाती पानी को मेम के बाग में छोड़ दिया जाता था। इस वजह से भी शहर में।पानी की निकासी नहीं हुई व जलभराव की समस्या झेलनी पड़ेगी।