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Hisar News: अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, एसडीओ से गाली-गलौज

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हिसार। सेक्टर-14 में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के (एचएसवीपी) एसडीओ रामप्रसाद को एक दुकानदार ने डंडा दिखाकर धमकाते हुए गाली-गलाैज की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। एसडीओ ने कहा कि आरोपी शराब के नशे में था। उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
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एचएसवीपी की टीम ने एसडीओ रामप्रसाद की अगुवाई में सेक्टर 14 की मार्केट से अतिक्रमण हटवाना शुरू किया। इस बीच एक व्यक्ति हाथ में डंडा लेकर पहुंचा और एसडीओ के साथ गाली-गलौज करने लगा। एसडीओ ने उसे रोकने की कोशिश की। इस पर उसने धमकाया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया। सेक्टर 14 के कुछ दुकानदारों ने विरोध जताते हुए कहा कि कार्रवाई से पहले सामान हटाने का समय नहीं दिया।
लोग बोले-हमारा सेक्टर सर्कस मैदान, यहां सभी जानवर
सेक्टरवासियों ने टीम की कार्रवाई के दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त की। अनु सूरा ने कहा कि सेक्टर में गाय, बंदर, कुत्ते, बिल्ली, घोड़ा, गधा विचरण करते मिलेंगे। जितने जानवर सर्कस में नहीं दिखते उतने इस सेक्टर में हैं। सीवरेज- पेयजल, सड़कों व पार्काें की समस्या का समाधान कराने जाते हैं तो एचएसवीपी के अधिकारी मिलते ही नहीं। घरों के पास लगाई हरियाली को बचाने के लिए ग्रिल लगाते हैं। ग्रिल हटी तो एक ही दिन में पशु नष्ट कर देंगे।अधिकारियों से कोई पूछे कि पार्काें की चहारदीवारी क्यों करते हो, ग्रीन बेल्ट में लोहे की ग्रिल क्यों लगाते हो ? हमने अपने पौधों को बचाने के लिए ग्रिल लगा ली तो क्या गुनहगार हो गए?
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पहले भी हुआ विरोध
पिछले सप्ताह एचएसवीपी की टीम अर्बन एस्टेट टू में अतिक्रमण हटाने पहुंची तो एक बुजुर्ग व्यक्ति ने एसडीओ को धमकी दी थी। सेक्टर 9-11 में टीम को विरोध का सामना करना पड़ा । टीम ने अतिक्रमण हटाने का विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस को शिकायत भी दी थी।


अतिक्रमण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
सामाजिक संस्था मदद के अध्यक्ष संजीव भोजराज ने अतिक्रमण करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं। क्या सरकारी अधिकारी उन नियमों के तहत नहीं आते हैं। सेक्टर-13 तथा अर्बन एस्टेट-2 में कई सरकारी अधिकारियों के निवास स्थानों के बाहर अतिक्रमण किया गया है। कहीं रैंप, शेड, दीवारें एवं अन्य निर्माण किए गए हैं तो कहीं सार्वजनिक रास्तों एवं पार्किंग स्थलों को निजी उपयोग में लिया गया है।
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