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दो महीने से निगम प्रशासन को नहीं मिली डेयरी शिफ्टिंग के लिए चयनित जगह की निशानदेही रिपोर्ट

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तहसील प्रशासन के अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण नगर निगम प्रशासन के बड़े प्रोजेक्ट डेयरी शिफ्टिंग की फाइल लटकी हुई है। निगम प्रशासन को पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से डेयरी शिफ्टिंग के लिए चयनित जगह की निशानदेही रिपोर्ट का इंतजार है।
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दरअसल, नगर निगम ने बगला रोड पर राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की 50 एकड़ जमीन डेयरी प्लाजा बनाने के लिए चिह्नित की थी। इसके लिए जीएलएफ को 40 करोड़ रुपये अदायगी की गई। मगर इसमें से तीन एकड़ जमीन गांव पीरांवाली के श्मशान घाट की निकल गई थी। इस बात का खुलासा सितंबर में हुआ था। इसके बाद निगम अधिकारियों व तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने मौके पर जाकर निशानदेही की थी। मगर निशानदेही रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली।
इसलिए जरूरी है निशानदेही रिपोर्ट
तहसील कार्यालय से निशानदेही रिपोर्ट मिलने के बाद निगम अधिकारी मुख्यालय को लेटर भेजेंगे। लेटर में 50 एकड़ में से पीरांवाली के श्मशान घाट की तीन एकड़ की जगह दूसरे साइड से और तीन एकड़ जमीन खरीदने का आग्रह किया जाएगा। मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद अधिकारी दूसरी तरफ की तीन एकड़ जमीन तलाशेंगे। फिर उस जमीन का अधिग्रहण होगा। इसके बाद ही डेयरी प्लाजा का प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा।
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लगातार पांचवें साल भी शहर से बाहर नहीं हो सकेंगी डेयरियां
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को हिसार में डेयरी शिफ्टिंग के लिए घोषणा की थी। मगर यह लगातार पांचवां साल होगा, जब यह घोषणा एक बार फिर कागजों में ही रह जाएगी। हालांकि निगम प्रशासन ने इस साल कुछ तत्परता दिखाते हुए डेयरियों का सर्वे करवाया। डेयरी संचालकों से भी लिखित में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन लिए गए। मगर अभी तक प्रोजेक्ट को सिरे नहीं चढ़ाया जा सका है।
यह सुविधाएं होंगी डेयरी प्लाजा में
नगर निगम प्रशासन बगला रोड पर 50 एकड़ में डेयरी प्लाजा बनेगा। यहां 500 से एक हजार वर्ग गज के प्लॉट काटे जाएंगे। डेयरी संचालकों को पशुओं की संख्या के अनुसार बोली के जरिये प्लॉट दिए जाएंगे। यहां पशुपालकों व पशुओं के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डेयरी संचालकों को प्लॉट के अलावा वाटर टैंक, डिस्पोजल, गोबर गैस प्लांट, पशु चिकित्सालय, पशुओं के लिए तालाब, मिल्क प्लांट, सामुदायिक केंद्र और व्यवसाय केंद्र जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
इस कारण की जा रही डेयरी शिफ्टिंग की मांग
दरअसल, डेयरियों की शिफ्टिंग की मांग इसलिए की जा रही है, क्योंकि घरों में चल रही डेयरियों के कारण शहर में सीवरेज जाम की सबसे बड़ी समस्या बन रही है। इसके अलावा कालोनी में पशुओं का गोबर एकत्रित होने से स्वच्छता भी नहीं बढ़ पा रही है। मच्छर-मक्खियों की भरमार से लोग परेशान हैं। पशुओं के मलमूत्र व डेयरियों की गंदगी सड़कों पर फैली रहती है। इसलिए लंबे समय से शहरवासी इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग उठाते रहे हैं।
वर्जन
निशानदेही रिपोर्ट पर तहसील व नगर निगम के अधिकारियों के हस्ताक्षर होने थे। कुछ अधिकारियों के तो हो गए हैं, कुछ के बाकी रहे हुए हैं। निशानदेही रिपोर्ट मिलने के बाद तीन एकड़ और जगह खरीदने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजेंगे।
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- डॉ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम
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