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बाइक चोर गिरोह के दो गुर्गे काबू, तीन बाइक बरामद

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पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी (आसमानी रंग के मास्क में) और प्रेसवार्ता करते डीएसपी बली सिंह। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। स्पेशल स्टाफ ने गुप्त सूचना के आधार पर बाइक चोर गिरोह के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चंपापुरी के रहने वाले हैं और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन बाइक बरामद की हैं। दोनों आरोपियों का दो दिन का रिमांड पूरा होने पर पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। इन दोनों के अलावा गिरोह के चार गुर्गों को गत पांच जनवरी को झज्जर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे पुलिस ने नौ बाइक बरामद की हैं।
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डीएसपी बली सिंह ने बताया कि स्पेशल स्टाफ प्रभारी एसआई शमशेर सिंह की टीम ने चंपापुरी निवासी सुमित और करण को आठ जनवरी को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान आरोपियों ने गिरोह से जुड़े गुर्गों और वारदात करने के तरीके का खुलासा भी किया। डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह में छह गुर्ग शामिल हैं। इनमें से चार को पांच जनवरी को झज्जर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि दो गुर्गे आठ जनवरी को स्पेशल स्टाफ ने दबोच लिए। उन्होंने बताया कि झज्जर पुलिस के हत्थे चढ़े गुर्गों ने नौ बाइक बरामद करवाई हैं, जिनमें से चार दादरी से चुराई गई थीं। इसी प्रकार दादरी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए दो गुर्गों ने चोरी की तीन बाइक बरामद करवाई हैं। आरोपी सुमित पर चोरी के दो और करण पर चोरी के चार केस दर्ज हैं।
बाइक का शौक पूरा करने के लिए बने चोर
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह के सभी गुर्गे युवा हैं। बाइक का शौक पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी शुरू कर दी। करीब दो माह में इस गिरोह ने कई बाइक चुराईं। चुराई गई बाइक को बेचने के लिए गिरोह के गुर्गों का अभी आगे कहीं संपर्क नहीं हुआ था और जो तीन बाइक दादरी पुलिस ने बरामद की हैं उनमें से दो एक आरोपी के मामा के घर खड़ी थीं। एक किशोर को भी उन्होंने चोरी की बाइक दी थी और उसे पुलिस जुवेनाइल बोर्ड के समक्ष पहले ही पेश कर चुकी है।
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ये था गिरोह का बाइक चोरी का तरीका
एसआई शमशेर सिंह के अनुसार बाइक चोरी की अधिकतर वारदातों में गिरोह के तीन गुर्गे शामिल रहते थे। एक गुर्गा गली या अन्य किसी जगह खड़ी बाइक की रेकी के साथ मौका पाकर स्विच निकाल देता था, जबकि दूसरा आकर चाबी लगाता था। तीसरा गुर्गा आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था और चाबी लगाते ही दो पैदल जबकि तीसरा बाइक लेकर फरार हो जाता था।
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