हिसार। जिले में लगातार दूसरे दिन कोविड-19 से दो लोगों की मौत हो गई। मंगलवार को भी दो संक्रमितों की मौत हो गई थी। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन 2 संक्रमति लोगों ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें एक बुजुर्ग और एक युवक शामिल हैं। ये दोनों ही जिले के रहने वाले हैं। इनको मिलाकर जिले में कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 18 हो गया है।
जिले में संक्रमितों का आंकड़ा भी लगातार तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को भी 112 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इनमें 104 लोग जिले के रहने वाले हैं, जबकि 8 लोग अन्य जिलों के निवासी हैं। इनको मिलाकर जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 2460 से बढ़कर 2564 पर पहुंच गया है। फिलहाल जिले में 778 एक्टिव केस हैं और 1768 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर 68.95 है। 1168 सैंपल जिले में स्थापित दोनों लैब में भेजे हुए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
ज्यादातर गंभीर बीमारी से थे ग्रस्त
जिले में संक्रमण का दायरा फैलने की वजह से कोरोना के हर रोज 100 से अधिक मामले मिलने लगे हैं। दो दिन से मौत भी हो रही है। जिले में 18 संक्रमित मृतक मरीजों में 5 युवा थे, जबकि बाकी बुजुर्ग थे। इनमें सभी शुगर, बीपी, किडनी, सांस की बीमारी, निमोनिया से लेकर दिल की बीमारी संबंधित गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में दोनों मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।
इलाज में देरी हो सकती है जानलेवा, तुरंत जांच व इलाज करवाएं : उपायुक्त
हिसार। उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि पिछले कुछ समय से जिले में कोविड-19 प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक जिले में 18 लोगों की मृत्यु इस बीमारी से हो चुकी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि कोरोना बीमारी को पूरी तरह से हराने के लिए सर्वे करने वाले कर्मियों को पूरा सहयोग करें। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाकर इसका उपचार करवाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। इलाज में जरा सी देरी किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती है। कोरोना के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने व कोई सूचना प्राप्त करने के लिए नियंत्रण कक्ष 01662-231137 या 1950 से संपर्क किया जा सकता है।
अर्बन एस्टेट निवासी संक्रमित दूल्हा-दुल्हन की शादी में बिना मास्क पहने मिले 50 से अधिक लोग शामिल
अर्बन एस्टेट निवासी संक्रमित दूल्हा-दुल्हन सहित उसके परिवार के 20 लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पूनिया अपनी टीम के साथ शादी में शामिल हुए सभी की हिस्ट्री जुटाने बुधवार को मिर्जापुर रोड स्थित एमजी क्लब में पहुंचे। इस दौरान शादी में 50 से अधिक लोग शामिल हुए थे और सभी बिना मास्क थे। ऐसे में कोरोना चेन लंबी होने के कारण डॉ. पूनिया और उनकी टीम ने परिवार और रिश्तेदारों सहित सभी लोगों की जानकारी ली। इसके अलावा शादी में शामिल हुए पंडित, सैलून संचालिका से लेकर फोटोग्राफर का रिकॉर्ड तक खंगाला। इस दौरान उनके साथ बहुउद्देशीय कर्मचारी आशीष कुमार और राजकुमार ने भी मौजूद रहे।
डॉ. पूनिया नेे बताया की 25 अगस्त को अर्बन एस्टेट निवासी प्रतिष्ठित परिवार के युवक-युवती की शादी के लिए मिर्जापुर रोड स्थित एमजी रिजॉर्ट क्लब में समारोह आयोजित किया गया था। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस की अवहेलना करते हुए शादी समारोह में निर्धारित 50 से अधिक लोग शामिल मिले हैं। ऐसे में विभाग द्वारा जारी किए गए नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। इसके बाद इन सभी का कोविड-19 टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। जिसमें दूल्हा-दुल्हन सहित परिवार के करीब 20 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इसी तरह से अर्बन एस्टेट निवासी परिवार द्वारा की गई लापरवाही के कारण संपर्क की चेन बनने के चलते कई लोग करोना की चपेट में आ सकते है।
कोविड-19 टेस्ट लेने से पहले संदिग्ध मरीजों की काउंसलिंग होगी अनिवार्य
अब जिला स्वास्थ विभाग द्वारा कोविड-19 टेस्ट लेने से पहले सभी मरीजों और उनके साथ आए अभिभावकों की भी काउंसलिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत विभाग द्वारा ट्रायल के लिए पहले चरण में कैमरी गांव के पीएचसी सेंटर पर बुधवार को एक टीम भेजी गई।
इस दौरान उन्होंने करीब 100 से अधिक लोगों की काउंसलिंग की और उसके बाद करीब 40 लोगों के सैंपल लिए। विभाग द्वारा बनाई गई इस टीम में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. नितिन नारंग और डॉ. सतीश सहित लैब टेक्नीशियन नरेश, एलएचवी प्रदीप यादव, सुनीता व बहुउद्देशीय कर्मचारी रवि कुमार शामिल है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कंटेनमेंट जोन से लेकर कब व किस तरह टेस्ट करवाने, किस स्थिति में रैपिड किट से या लैब से टेस्ट करवाएं। इसके बाद कब रिपोर्ट मिलने, किस तरह एप या कहां से लेने के साथ-साथ किन बातों का ध्यान रखते हुए सही इलाज मिलने के बारे में जागरूक किया। जिले में संक्रमण के फैलाव को रोकने और आम जनता को खुद ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग करवाने के लिए विभाग ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है, ताकि इसकी परेशानी सैंपल लेने गई फील्ड टीम को न उठानी पड़े। कई बार विभाग की टीम को बिना सैंपल लिए वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वहां पर विभाग ने पुलिस प्रशासन की निगरानी में उन सभी के सैंपल करवाए थे। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों द्वारा सभी टीमों को काउंसलिंग कर 100 से अधिक लोगों के सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सकें।