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दो कोरोना संदिग्ध अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर, पांच के सैंपल जांच के लिए भेजे

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सिविल अस्पताल में दौरे के दौरान मेडिकल अधिकारी को निर्देश देते मंडलायुक्त विनय सिंह। - फोटो : Hisar
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल दो कोरोना संदिग्ध लोगों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इनमें से एक संदिग्ध चार दिन पहले ही गुरुग्राम से लौटा था और उसे खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत थी। दोनों की गंभीर हालत व नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। उधर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दोनों को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया है।
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शुक्रवार सुबह नागरिक अस्पताल प्रशासन के पास सूचना आई कि जिले के ही पास स्थित गांव का एक व्यक्ति चार दिन पहले गुरुग्राम से लौटा था और उसे अब खांसी, जुकाम, बुखार व गला खराब होने की शिकायत है। एंबुलेंस वहां पहुुंची और मरीज को नागरिक अस्पताल लेकर आई। यहां पहुंचने पर मरीज की जांच की गई और उसके सैंपल लिए गए। चूंकि नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं निजी अस्पतालों से आए चार सैंपल भी जांच के लिए पीजीआई भेजे गए। इसी तरह उकलाना निवासी एक व्यक्ति भी खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत होने पर जांच कराने के लिए उकलाना के नागरिक अस्पताल में पहुंचा। मगर वहां से उसे हिसार के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया। डॉ. जया गोयल ने बताया कि आज कुल 5 कोरोना संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे गए हैं।
बाहर से लौटे 94 लोगों ने कराई जांच
जिला अस्पताल में मेन गेट के पास बने ट्राइएज में शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक दिल्ली, राजस्थान, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद सहित विभिन्न जगहों से लौटे 94 लोग पहुंचे जांच कराने के लिए पहुंचे। वहां पर मौजूद नर्स स्टाफ द्वारा हिस्ट्री व जांच के बाद उन्हें फ्लू क्लीनिक में भेज दिया गया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों में कोरोना संदिग्ध लक्षण नहीं मिले तो उन्हें दवा देकर घर भेज दिया।
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100 बेड का नया आइसोलेशन वार्ड बनाया
जिला अस्पताल प्रशासन ने 100 बेड क नया आइसोलेशन वार्ड बनाया है। इस वार्ड को कैटेगरी वाइज बांटा है। अगर मरीज की हालत ज्यादा गंभीर है तो उसे अलग रखा जाएगा और यदि मरीज की हालत कम गंभीर है तो उसे अलग रखा जाएगा। अगर संदिग्ध मरीज है तो उसे अलग रखा जाएगा। यह आइसोलेशन वार्ड परिसर के वार्ड नंबर 11 व 13 की जगह बनाया है, जहां घायल मरीजों व कुपोषित बच्चे व महिलाओं को दाखिल किया जाता था। आइसोलेशन वार्ड के कारण इन लोगों को फिलहाल के लिए छुट्टी देकर घर भेज दिया है।
फ्लू क्लीनिक को ट्राइएज के पास किया शिफ्ट
फ्लू क्लीनिक को बाहर की ओर ट्राइएज के समीप शिफ्ट कर दिया गया ताकि मरीजों को वहीं पर जांच की जा सके। उस दौरान कोई मरीज कोरोना संदिग्ध मिलता है तो उसे सीधा पास में बने आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया जा सके। इससे मरीजों को काफी फायदा होगा, क्योंकि पास में होने के कारण चिकित्सक व नर्स स्टाफ द्वारा सही ढंग से जांच की जाएगी। साथ ही अन्य मरीजों का भी वायरस से बचाव होगा।
मेडिकल कॉलेज के आइसोलोसन विभाग में मरीजों की संख्या हुई छह
अग्रोहा। मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में आइसोलेशन विभाग में कोरोना संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के डीएमएस एवं आपातकालीन विभाग के मुख्य चिकित्सक डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि आइसोलेसन विभाग में शुक्रवार को दो नए मरीज दाखिल हुए हैं। इनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही उन मरीजों की बीमारी का पता चल पाएगा कि इन्हें कोरोना है या नहीं। अभी तक कॉलेज में एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं आया है। आइसोलेशन विभाग में दाखिल कोरोना संदिग्ध मरीजों की संख्या सात हो गई थी, लेकिन एक मरीज के स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी दे दी गई। इससे पहले आइसोलेशन विभाग से कोरोना संदिग्ध पांच मरीजों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा चुकी है।
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