हिसार। हांसी क्षेत्र के गांव पेटवाड़ में खेत के कमरे के बाहर बिहार निवासी रोघी मुखिया की हत्या के मामले में सेशन जज अलका मलिक की अदालत ने बुधवार को बौकू मुखिया उर्फ जगनारायण और संजय मुखिया को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
नारनौंद थाना पुलिस ने 16 जनवरी 2021 को इस मामले में हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। बौकू मुखिया ने शिकायत देकर दावा किया कि उसके चचेरे भाई रोघी मुखिया की मौत आवारा कुत्तों के काटने से हुई है। उसने बताया था कि रोघी पेटवाड़ निवासी बृजेश के खेत में बने कमरे में अकेला रहता था।
पुलिस जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई। साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों से खुलासा हुआ कि रोघी मुखिया की हत्या ईंट और लकड़ी के डंडे से पीटकर की गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर फरार होते हुए झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। कोर्ट ने 31 जनवरी को दोष सिद्ध होने के बाद बुधवार को सजा सुनाई।