हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने डाबड़ा मार्ग पर नहर पुल के पास के उत्तम नगर में रहने वाले 55 वर्षीय उषा देवी मित्तल और उसके 30 वर्षीय बेटे सुमित की हत्या के मामले में दो युवकों को दोषी करार किया है। दोषी संदीप व उसके साथी गढ़ी निवासी प्रदीप को 10 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। दोषी संदीप की पत्नी निशा उसे छोड़कर अपने प्रेमी सुमित के साथ रहने लगी थी। इस संबंध में आजाद नगर थाना पुलिस ने दोहरे हत्याकांड मामले में 11 अप्रैल 2022 को उत्तम नगर के संदीप और अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
पहले मां को मारा था फिर बेटे को गोलियों से भूना
आजाद नगर थाना पुलिस में डाबड़ा रोड पर नहर पुल के पास स्थित उत्तम नगर के रहने वाले अमित मित्तल ने बताया था कि मां उषा घर में किराना की दुकान चलाती थी। छोटा भाई सुमित मां के साथ रहता था। हमारे घर में 17 साल से खांडाखेड़ी का राजेश रह रहा है। राजेश ने शाम को 5:15 बजे फोन कर बताया कि पड़ोसी संदीप ने बर्फ तोड़ने वाले सुए से ऊषा को गंभीर चोटें मारी हैं। नागरिक अस्पताल पहुंचा तो मां उषा मृत मिली। हमारे पड़ोसी संदीप और उसकी पत्नी निशा शर्मा का मनमुटाव हो गया था। निशा 8 महीने से अपनी मर्जी से भाई सुमित के साथ रह रही थी। इसी रंजिश में संदीप ने अपने साथी के साथ मिलकर पहले मेरी मां उषा की घर में हत्या की और फिर डोगरान मोहल्ला में भाई सुमित की गोलियां मारकर हत्या कर दी। आजाद नगर थाना पुलिस ने इस बारे में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
संदीप और निशा ने अंतरजातीय विवाह किया था
जानकारी के अनुसार संदीप और मय्यड़ गांव की रहने वाली निशा शर्मा ने अंतरजातीय विवाह किया था। निशा का परिवार यूपी से कई साल पहले आया था। निशा शादी कर संदीप के साथ उत्तम नगर में रहने लगी तो दोनों में मनमुटाव हो गया था। फिर वह पड़ोसी सुमित के साथ रहने लगी थी। दोनों शादी करने के बाद शहर से चल गए थे। वारदात से कुछ दिन पहले ही दोनों शहर आए थे। सुमित डोगरान मोहल्ला में एक दुकान पर काम करता था। दुकान के सामने ही संदीप ने अपने साथी के साथ सुमित की गोली मारकर हत्या कर दी थी।