राजगढ़ रोड पर भारतीय किसान यूनियन के सदस्य प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय की ओर जाते हुए।
हिसार। एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून लागू कराने समेत अन्य मांगों को लेकर वीरवार को किसानों ने एचएयू के 4 नंबर गेट से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने बैल की जगह खुद को जुए में जोतकर अपनी दुर्दशा को दर्शाया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से एडीसी नीरज कुमार के साथ किसान संगठनों की एक घंटे चली वार्ता विफल रही। इस पर किसानों ने एलान किया कि अगर 25 जनवरी तक मांगों पर सहमति नहीं बनी तो 26 जनवरी को बड़े आंदोलन की घोषणा करेंगे। इसके अलावा 72 गांवों के किसानों को मुआवजा नहीं मिलने से किसानों में रोष है।
भाकियू प्रदेश प्रेस प्रवक्ता जोगेंद्र मय्यड़ ने कहा कि एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून लागू करवाना, किसान और मजदूर संपूर्ण कर्ज मुक्ति, मनरेगा को कृषि से जोडक़र मनरेगा मजदूरों की 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए और सी2 जमा 50 के तहत यानी की लागत का डेढ़ गुना भाव देकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए। बेरोजगार होते युवाओं को रोजगार देने आदि मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एडीसी को ज्ञापन सौंपा। अगर प्रशासन ने बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं किया तो किसान पशुओं को डीसी ऑफिस के सामने छोड़ेंगे।
इस मौके पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भाई सुरेश कोथ, पगड़ी संभाल जट्टा के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान, सात बास के प्रधान बलवान मलिक, बारह खाप के प्रधान रतन सिंह मिलकपुर, धर्मपाल बडाला, सतीश बेनीवाल, दिलबाग हुड्डा, कृष्ण माजरा, राम अवतार सुलचानी, सत्यवान कनोह, अमरजीत मोड़ी, छत्रपाल, सुंदर, सुखविंदर औलख, कृष्ण किरमारा, समुद्र मलिक, कृष्ण माजरा व संदीप सिवाच आदि मौजूद रहे।