गांव खारा बरवाला में घर के सामने खाली जगह से लकड़ी उठाने की बात से परेशान एक व्यक्ति ने घर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। पीड़ित मंगतराम की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आदमपुर के नागरिक अस्पताल लेकर आए। जहां से चिकित्सकों ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मंगतराम की मौत हो गई। मृतक के पर्स व घर में बेड के नीचे से सुसाइड नोट मिले है। सुसाइड नोट के आधार पर आदमपुर पुलिस ने सरपंच प्रतिनिधि सहित सात लोगों को नामजद किया है।
पुलिस को दिए बयान में मृतक की पत्नी 42 वर्षीय कविता ने बताया कि वह घरेलू कार्य करती है उसके दो लड़के व एक लड़की है। मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे वह उसका ससुर, सास, छोटा बेटा सुमित, बेटी प्राची व पति मंगतराम घर पर थे। गांव का सरपंच प्रतिनिधि प्रीतम सिंह, राजकुमार चावला, अनूप चावला, दलबीर खिच्ची, दलबीर चावला, सुरजीत व एसडीओ निरंजन घर के सामने खाली जगह में लकड़ी डालने को लेकर उठाने के लिए बार-बार तंग करते थे। मंगलवार को भी इसी बात को लेकर सभी उनके घर के सामने आए और लकड़ी की ट्रॉली न उतारने की बात कहते हुए धमकी दी। इसी बात से तंग आकर उसके पति मंगतराम ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आदमपुर के नागरिक अस्पताल लेकर गए जहां से चिकित्सकों ने अग्रोहा रेफर कर दिया। जांच के बाद चिकित्सकों ने मंगतराम को मृत घोषित कर दिया। लड़के सुमित ने पति का पर्स चेक किया तो उसमें सुसाइड नोट मिला और दूसरा सुसाइड नोट बेड के नीचे मिला। दोनों सुसाइड नोट पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए। सुसाइड नोट में लिखा है कि इन लोगों से तंग परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने मृतक मंगतराम की पत्नी के बयान के आधार पर सरपंच प्रतिनिधि प्रीतम सिंह, राजकुमार चावला, अनूप चावला, दलबीर खिच्ची, दलबीर चावला, सुरजीत व एसडीओ निरंजन को नामजद करते हुए उनके खिलाफ धारा 306 व 34 के तहत मामला दर्ज किया है।