हिसार। गंगवा गांव के पास विराट नगर एक्सटेंशन निवासी ठेकेदार अनिल ने प्रॉपर्टी डीलरों से परेशान होकर जहर खाकर जान दे दी। घटना शुक्रवार की है। पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर राजू और कर्ण को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। आजाद नगर थाना पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारी अशोक कुमार के मुताबिक सर्वाेदय एन्क्लेव निवासी कृष्ण कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि उसका छोटा भाई अनिल परिवार के साथ विराट नगर एक्सटेंशन में रहता था। वह घरों-कोठियों में पेंट करने का ठेका लेता था। अप्रैल 2024 में उसने कुंज कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर कर्ण सिंह और उसके पार्टनर आजाद नगर निवासी राजू से एक प्लाॅट और दुकान खरीदी थी। प्लाॅट के 31 लाख और दुकान के 33 लाख रुपये दोनों को दिए थे। इन्होंने अनिल के नाम इकरारनाम करवा दिया, लेकिन प्लाॅट और दुकान नाम नहीं करवाई। भाई ने दोनों को 14 लाख 15 हजार रुपये नकद भी दिए थे। अनिल दोनों से प्लाट और दुकान नाम करवाने के लिए अक्सर कहता था, लेकिन व आज-कल की बात कहकर टालते रहते थे। दो-तीन बार पंचायत भी हुई, इसके बाद भी आरोपियों ने न तो रुपये लौटाए और न ही दुकान और प्लाॅट नाम करवाया। इतना ही नहीं जान से मारने की धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाने की धमकी भी देते थे।
शुक्रवार को कर्ण सिंह के घर गया था
कृष्ण ने बताया कि शुक्रवार सुबह अनिल कर्ण सिंह के घर रुपये मांगने गया था। घर पर वह नहीं मिला। उसके माता-पिता ने भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परेशान अनिल ने वहीं जहरीला पदार्थ निगल लिया। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे और उसे एक निजी अस्पताल ले गए। देर शाम उपचार के दौरान अनिल की मौत हो गई।
क्या लिखा सुसाइड नोट में
सुसाइड करने से पहले अनिल ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है। इसमें लिखा कि मेरी मौत का कारण राजू और कर्ण है। कर्ण से प्लाॅट और एक दुकान खरीदी थी। एग्रीमेंट पर साइन कर दिए थे। रुपये देने के बावजूद दोनों ने न तो प्लाॅट नाम करवाया और न ही दुकान। इनको सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।