फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंडल मार्च निकाल डॉ. अर्चना शर्मा को दी श्रद्धांजलि

विज्ञापन
डॉक्टर अर्चना शर्मा के लिए कैंडल मार्च निकालते हिसार आईएमए के चिकित्सक। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
हिसार। राजस्थान के दौसा में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अर्चना शर्मा के आत्महत्या प्रकरण में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शनिवार देर शाम शहर में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान चिकित्सकों ने मामले से जुड़े वहां के पुलिस अधीक्षक और नेताओं पर खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने की मांग उठाई।
विज्ञापन

इससे पहले पत्रकार वार्ता में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि अगर, आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया तो प्रदेशभर में ओपीडी बंद कर दी जाएगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रधान डॉ.जेपी नलवा, सचिव संदीप कालड़ा और डॉ. एपी सेतिया डॉ. रजत सोनी ने कहा कि दौसा में अपनी नर्सिग होम चला रही स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अर्चना शर्मा पर वहां के कुछ नेेताओं और पुलिस ने इतना दबाव डाला कि उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस द्वारा चिकित्सक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दिया। ये कौन से कानून में है कि बिना मेडिकल बोर्ड की जांच के ही चिकित्सक पर हत्या का केस दर्ज कर दिया। उनका कहना है कि जिस महिला की डिलिवरी के बाद मौत हुई उनके परिजनों को पूरी स्थिति बता दी गई थी। 22 साल की उम्र में महिला की चौथी डिलिवरी थी। पहले भी तीन डिलिवरी ऑपरेशन के जरिये हुई थी। मृतक के परिजन शव को ले गए थे, लेकिन जो बिचौलिये थे और कुछ वहां के नेता श्मशान घाट से शव को लेकर आए और हंगामा करने के बाद चिकित्सक अर्चना के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवा दिया। हत्या का केस दर्ज होने के बाद ही चिकित्सक ने आत्महत्या कर दी।
गांवों में अस्पताल खोलना बंद कर देंगे
चिकित्सक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अंजू पोपली, डॉ. मीनू देशवाल, डॉ. प्रीति का कहना है कि अगर, चिकित्सकों के साथ ऐसे ही होता रहा तो चिकित्सक ग्रामीण स्तर पर अस्पताल खोलना बंद कर देंगे। लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए ग्रामीण स्तर पर अस्पताल खोले जा रहे हैं। उनका कहन है कि चिकित्सक का काम मरीजों की जान बचाना है, किसी मरीज की जान लेना नहीं। हमारी काफी समय से लंबित सेंट्रल एक्ट फॉर द वायलेंस अगेंस्ट डॉक्टर्स को लागू करने, मौजूदा आईपीसी की धाराओं में बदलाव करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें