फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: दस्तावेज के खेल में फंसकर 6 साल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी रह गए आधे

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। छह साल पहले शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में दस्तावेज में खामियां मिलने के कारण लाभार्थियों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। वर्ष 2018-19 में जब पहली बार यह योजना शुरू हुई तो पहली किस्त 168975 किसानों को जारी गई थी। अब 18वीं किस्त जारी की गई तो यह संख्या महज 83053 रह गई है। छह साल में 85922 लाभार्थी कम हो गए हैं। किसानों को करीब 16.61 करोड़ रुपये जारी किए गए। पहली किस्म में किसानों को 33 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपये जारी किए गए थे। किसान संगठनों की ओर से इस योजना में संख्या लगातार कम होने पर सवालिया निशान उठाए हैं।
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। किसानों को चार महीने में 2000 रुपये की एक किस्त जारी की जाती है। पूरे साल में किसान को 6000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ शर्त भी तय की गई हैं। बाद में योजना में कुछ बदलाव किए गए। किसानों के बैंक खातों को आधार के साथ जोड़ा गया। खातों का केईवाईसी कराया गया, जिसके साथ किसान की जमीन का ब्योरा भी जोड़ा गया। इस योजना को जब शुरू किया गया तो उसमें केवल दो एकड़ तक के किसानों का शामिल किया गया था। बाद में जमीन की शर्त को हटा दिया गया था। पहली किस्त 168975 किसानों को जारी गई थी। दूसरी किस्त के साथ संख्या में गिरावट आने लगी थी। इसके बाद लगातार संख्या कम होती रही। अब 18वीं किस्त आते आते यह संख्या आधी से भी कम पर आ गई है। इस योजना में किसानों को अब तक कुल 487 करोड़ 42 लाख 26000 रुपये जारी किए गए हैं।
सांसद जेपी ने भी उठाए थे सवाल
सांसद जयप्रकाश उर्फ जेपी ने भी दिशा कमेटी की बैठक में विभाग की इस योजना के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से सवाल पूछा था कि संख्या इतनी कम कैसे हो गई। अधिकारियों ने इसके पीछे आधार, केवाईसी और लैंड सीडिंग का हवाला दिया। जिस पर सांसद संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन

योजना के तहत लाभार्थी और वितरित रकम का आंकड़ा

किस्त लाभार्थी रुपये वितरित किए
1 1,68,975 33,79,50,000
2 1,67,824 33,56,48,000
3 1,65,098 33,01,96,000
4 1,60,827, 32,16,54,000
5 1,58,876, 32,16,54,000
6 1,57,236, 31,44,72,000
7 1,54,236, 30,82,92,000
8 1,51,403 30,28,06,000
9 1,49,373, 29,87,46,000
10 1,45,672 29,13,44,000
11 1,37,502 27,50,04,000
12 94,236 18,84, 72,000
13 1,32,901 26,58,02,000
14 1,20,252 24,05,04, 000
15 97,560 19,51,20,000
16 96,939 19,38,78,000
17 95,240 19,04,80,000
18 83,053 16,61,06,000
ये कार्य हैं लंबित
जिले में 18333 लाभार्थी किसानों का ई केवाईसी सत्यापन लंबित है।
जिले में 10912 लाभार्थी किसानों का आधार अटैच कराना लंबित है।
जिले में 7012 लाभार्थी किसानों का जमीन अटैच व सत्यापन लंबित है।

यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाती है। पहली किस्त के मुकाबले 18वीं किस्त से तुलना करें तो संख्या कम हुई है। करीब 36 हजार से अधिक लाभार्थी किसानों ने अपने दस्तावेज जमा नहीं कराए। जिस कारण उनकी किस्त अटकी हैं। अगर वह दस्तावेज पूरे करेंगे तो उनको किस्त मिलेगी।
विज्ञापन

- राजबीर सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग हिसार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें