राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित बैठक में अपनी जमकर भड़ास निकाली।
व्यापारियों का कहना है कि जिला प्रशासन और निगम प्रशासन मार्केट में जाम की समस्या को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करता है तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
उन्होंने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए उनकी समस्या हल करने की चेतावनी दी है। व्यापारियों का आरोप है कि उपायुक्त हमारी नहीं सुनते, निगम सचिव उच्चाधिकारियों के आदेशों का इंतजार करते रहते हैं।शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने आश्वासन ही दिए हैं।
व्यापारियों की समस्याओं को कभी समझा ही नहीं। कुछ इस तरह से शुक्रवार को राजगुरु मार्केट वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने अपनी भड़ास निकाली।
शहर की सबसे व्यस्ततम राजगुरु मार्केट में अतिक्रमण और पार्किंग की व्यवस्था को लेकर प्रशासन के नकारात्मक रवैये से नाराज व्यापारियों ने पंजाबी धर्मशाला में अपनी समस्याओं को रखा।
व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया कि यदि दस दिनों अंदर उनकी मांगों को लेकर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो सभी व्यापारी अपना काम छोड़कर प्रदर्शन करेंगे।
ऑर्गेनाईजेशन से जुड़े दुकानदार राकेश छाबड़ा, संजय गिरधर, राजेश जैन, टीनू आहुजा और एडवोकेट रवि महता ने कहा कि प्रशासन ने एक बार भी हमारे सहयोग के लिए कदम नहीं उठाया।
व्यापारियों ने अपने लेवल पर ही पार्किंग की समस्याओं को हल करने के लिए नक्शे बनवाए। मार्केट में पर्चे बांटे, मुनादी करवाई, लेकिन एक बार भी किसी भी चीज को लेकर निगम प्रशासन व जिला प्रशासन ने सहयोग नहीं किया।
अब तो हालात ऐसे हैं कि गलत तरीके से मार्केट में गाड़ी खड़ी करने वालाें की गाड़ी उठाने और चालान काटने वाली क्रेन भी नहीं आती।
राजगुरु मार्केट के व्यापारियों की मुख्य मांग व्यापारियों की ओर से तैयार किए गए पार्किंग के मैप को पूरी तरह से प्रशासन लागू करें। जिसके लिए प्रशासन और मेयर पहले से अपनी सहमति जता चुके हैं।
इसके अलावा मार्केट में दोपहिया वाहनों को खड़ा करने वाली जगहों पर रेलिंग लगाई जाए। दुपहिया वाहनों और फोर व्हीलर की पार्किंग के लिए पीली पट्टी और बॉक्स बनाए जाए।
दुकानों के आगे तथा बरामदों में होने वाले अतिक्रमण को हटाया जाए। निगम की टीम समय-समय पर निरीक्षण कर दुकानों के आगे लगे अतिक्रमण को हटाए।
क्रेन की मदद से प्रशासन मार्केट में व्यवस्था करें, जिससे की सही तरीके से गाड़ी पार्क नहीं करने वालों के चालान काटे जाए।
राजगुरु मार्केट के नजदीक एक पार्किंग जोन बनाया जाए। साथ ही मार्केट के व्यापारियों और नगर निगम व्यापारियों की तालमेल कमेटी बनाई जाए।
राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाईजेशन के सदस्यों ने बताया कि 6 मार्च को मेयर शकुंतला राजलीवाला, सचिव दीपक सूरा, कार्यकारी अधिकारी अरविंद बिश्नोई, सहायक अभियंता प्रवीण कुमार ने पंजाबी धर्मशाला में राजगुरु मार्केट वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के सदस्यों के साथ बैठक की थी।
इस बैठक में मेयन ने व्यापारियों से दस दिन का समय उनकी मांगों को पूरा करने के लिए मांगा था। समय देने के बाद भी व्यापारियों की मांगें पूरी नहीं होने पर वह मेयर, शहर निकाय मंत्री सावित्री जिंदल, डीसी एमएल कौशिक सहित अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं।
व्यापारियों ने बताया कि वह पिछले दो-तीन सालों से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन से गुहार लगाते रहे हैं। यहां तक कि पिछले तीन महीनों में वह शहरी निकाय मंत्री सावित्री जिंदल, मेयर शकुंतला राजलीवाला, डीसी एमएल कौशिक, निगम सचिव दीपक सूरा के अलावा अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं।
मुलाकात के दौरान सभी ने दो दिन एक सप्ताह आदि का समय मांगा, लेकिन किसी ने भी व्यापारियों की समस्या को लेकर कदम नहीं उठाया।
राजगुरुमार्केट की समस्या का निदान करने के लिए बुधवार को नगर निगम का
दस्ता शाम चार बजे मार्केट पहुंचा। यहां कुछ सामान जब्त किया गया। जिसे बाद
में चेतावनी के साथ वापस लौटा दिया गया।
अपने तय कार्यक्रम के अनुसार निगम
का दस्ता शुक्रवार की शाम करीब चार बजे राजगुरु मार्केट पहुंचा। तहबाजारी
के इंचार्ज कृष्ण सैनी,अमीचंद सैनी, महेंद्र सैनी अपने स्टाफ को लेकर
राजगुरु मार्केट पहुंचे।
निगम के दस्ते ने दुकानदारों को सामान अंदर करने
का निर्देश दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों का सामान उठाया। जिसे चेतावनी
देकर वापस लौटा दिया।
उन्होंने कहा कि राजगुरु मार्केट को लेकर लगातार
अभियान चलाया जाएगा। बाजार में अतिक्रमण को रोकने के लिए एक स्थाई टीम का
गठन किया जाएगा। यह टीम निरंतर बाजार में जांच करेगी। जिस दुकान के बाहर
सामान मिलेगा उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
निगम
के दस्ते की ओर से चेतावरी में कहा गया कि शनिवार से चालान काटे जाएंगे।
जिसमें 1000 रुपये चालान किया जा सकता है। सामान जब्त कर सकते हैं। सामान
जुर्माना भी लगा सकते हैं। एक स्थाई टीम लगातार निगम में रहेगी।
निगम
को सदर बाजार के लिए एक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव
दिया गया है। जिसमें दिन के समय यहां बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
किया जाए। अंदर आने वाले वाहनोें को लाइन में खड़ा कराया जाए। जिसके लिए
निगम की ओर से स्टाफ नियुक्त हो।
यहां बने पार्किंग -राम चाट भंडार के सामने, झंडा चौक के पास, सैनी स्वीटस के पास, राजगुरू की प्रतिमा के पास