टोल के विवाद को लेकर वीरवार को गांव मय्यड़ में सातबास सहित 20 गांवों की महापंचायत ने टोल कंपनी को 1 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। महापंचायत ने कहा कि टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले एरिया के सभी तरह के वाहन टोल फ्री किए जाएं।
महापंचायत की अध्यक्षता सात बास खाप के प्रधान धारा सिंह मलिक ने की। महापंचायत में सरकार व प्रशासन के सामने कई मांगें रखी गईं। इसमें कहा गया कि टोल पर कृषि यंत्र के विवाद में जो मुकदमे हुए थे वो सभी खारिज किए जाएं। रामायण के किसान दिलबाग सिंह आदि की नहरी पानी लगाने वाली रंगभरी नाली का रास्ता खोला जाए। खेतों में पानी न जाने की वजह से जो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा दिया जाए। प्रमुख मांग यह है कि 20 किमी के दायरे में आने वाले हर किस्म के वाहन को टोल फ्री किया जाए। खेतों के आगे लगाई गई कंटीली तार को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। आपराधिक प्रवृत्ति के टोल कर्मचारियों कुलदीप नैन व दीदार सिंह का व्यवहार ठीक न होने के कारण व झूठे मुकदमे दर्ज करवाने के कारण इन पर केस दर्ज करने के साथ इन्हें टोल से हटाया जाए।
पंचायत ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यह मांगें नहीं मानी तो 1 दिसंबर को महापंचायत करके मय्यड़ टोल के विरुद्ध कार्यवाही की रणनीति तय की जाएगी। पंचायत में प्रधान धारा सिंह मलिक सुल्तानपुर, दलजीत पंघाल भगाना, महेंद्र मास्टर मय्यड, मय्यड की पूर्व सरपंच के बेटे दीपा, रामायण सरपंच जसमत ,पृथ्वी सिंह रामायण, सत्यवान, सुभाष मय्यड, प्रमोद कुमार, सज्जन गार्ड सातरोड़ कलां, ढंढेरी के सरपंच सूरत सिंह, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, देपल के सरपंच करण सिंह, अशोक सरपंच, सुलतानपुर के सरपंच सुरेन्द्र, पूर्व सरपंच बिजेंद्र, जयप्रकाश, उमरा सरपंच पवन ,मा. किताब सिंह, पूर्व सरपंच जयबीर , अलीपुर के सरपंच नरेश कुमार, खरड के सरपंच सुनील महाबीर, भगाना के सरपंच शक्ति सिंह लाडवा के सरपंच जोगेंद्र, सोमबीर, हवासिंह, बदन सिंह, जोगिन्द्र प्रशांत, राजकुमार व सुरेश प्रधान सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।