हिसार। राम कथा के अंतिम दिन गीता भवन में आयोजित हवन में आहुति डालते श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
हिसार। कथा व्यास संत गोपीराम महाराज ने कहा कि भगवान राम को पाने के लिए केवल प्रेम की आवश्यकता है। भवसागर से पार होने के लिए भाव की जरूरत है। वह मोहल्ला रामपुरा स्थित गीता भवन मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि रावण ज्ञानी था परंतु अभिमानी था। जीवन में ज्ञानी होना श्रेष्ठ है, लेकिन अभिमान रहित होना चाहिए। जिसे भगवान श्रीराम को पाना है तो सच्चे मन से भक्ति करें। भगवान हर समय उसके साथ रहेंगे। सच्चे मन से की गई भक्ति कभी बेकार नहीं जाती। कथा के दौरान मंच संचालन करते हुए भजन गायक सुमित मित्तल ने भजनों की वर्षा की। इस दौरान हवन और भंडारे का भी आयोजन किया गया।