नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को एडीएसजे डॉ. पंकज की अदालत ने बुधवार को तीन साल कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने मंगलवार को उसे दोषी करार दिया था। इस मामले में हांसी उपमंडल के एक गांव में अप्रैल 2018 में केस दर्ज किया गया था।
हांसी उपमंडल के एक गांव निवासी नाबालिग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 25 अप्रैल 2018 की रात को वह अपनी मां के साथ मकान की छत पर सो रही थी। उस समय बिंदू नामक लड़का किसी तरह उनकी छत पर पहुंच गया और उसे बहला-फुसला कर ले गया और दुष्कर्म किया। दोषी ने पीड़ित को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए घर छोड़ दिया था। पीड़ित के अनुसार उसने पूरी बात अपनी मां को बता दी, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 26 अप्रैल 2018 को आरोपी बिंदू के खिलाफ धारा 363, 366ए, 506 और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में डॉ. पंकज की अदालत ने उसे मंगलवार को दोषी करार दिया था और बुधवार को तीन साल की कैद तथा एक हजार जुर्माने की सजा सुनाई।