रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग को लेकर जारी आंदोलन में सोमवार को महिलाएं भी शामिल हुई। महिलाओं ने गांधी चौक पर धरना देकर नारेबाजी की।
समिति सदस्यों ने सुबह ग्यारह बजे से लेकर एक बजे तक धरना दिया। जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। धरने के बाद समिति सदस्य टोलियां बनाकर शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में गए व जागरूकता अभियान चलाया। समिति के संयोजक देव कुमार शर्मा ने कहा कि ओवरब्रिज के अभाव में शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल हो चुकी है।
रेल गाड़ियों का आवागमन बढ़ने के कारण रेलवे फाटक घंटों तक बंद रहते हैं और वाहन चालक जाम में फंसे रहते हैं। ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर अब तक लोगों को झूठे आश्वासन ही मिले हैं।
सरकार में बैठे लोग अब कह रहे हैं कि ओवरब्रिज की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन इसका निर्माण कार्य शुरू करने में की जा रही अनावश्यक देरी से लोगों के मन में आशंकाएं पैदा हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर इलाकावासियों की समस्या का समाधान करे।
इस मौके पर राजीव वढ़ेरा, अशोक, पम्मी वधवा, अवतार सिंह, राजेश मदान, सुरेंद्र, शिव कुमार, राजकुमार अंगी, मुकंद लाल घई, गणपत राम, हरजीत सिंह सेठी, हरदेव सिंह गोरखी, रमेश सैन, जगदेश सिंह, चंद्र शेखर, शशि कालरा, बहादुर सिंह कूका, बलदेव सिंह, मोहन लाल महाशा, गुरप्रीत सिंह नामधारी, जगजीत सिंह मांगेआना, उद्यन शर्मा, सावन सिंह, गिरीश मुरेजा, सोमनाथ गर्ग, संतो देवी और सोहन देवी मौजूद थे।