हिसार। एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने वर्ष 2021 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उसी गांव के तीन युवकों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद यह निर्णय सुनाया।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता के पिता ने शिकायत दी थी कि उनकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री रात में घर से लापता हो गई थी। तलाश के दौरान गांव का एक युवक भी घर से गायब मिला, जिससे आशंका जताई गई कि वह किशोरी को अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान किशोरी को चंडीगढ़ से बरामद किया गया। अदालत में दिए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया। मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया।